2018 में क्रिप्टोकरंसी का सफरनामा, जानिए कितने फायदे-नुकसान का सौदा रहा बिटकॉइन

2018 में क्रिप्टोकरंसी का सफरनामा, जानिए कितने फायदे-नुकसान का सौदा रहा बिटकॉइन

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 28 Dec 2018, 07:04:38 PM (IST) बाजार

भारत में साल 2018 के दौरान गूगल पर सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले सवालों में से एक था 'How to Invest in Bitcoin' यानी बिटकाॅइन में निवेश कैसे किया जाए।

नर्इ दिल्ली। भारत में साल 2018 के दौरान गूगल पर सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले सवालों में से एक था 'How to invest in Bitcoin' यानी बिटकाॅइन में निवेश कैसे किया जाए। हालांकि भारत में किसी भी बैंक खाते की मदद से आप बिटकाॅइन को खरीद या बेच नहीं सकते हैं। लेकिन यदि पूरे साल में भारत में बिटकाॅइन की प्रदर्शन पर नजर डालेंगे तो पता चलेगा कि दुनिया की सबसे चर्चित क्रिप्टोकरंसी को लेकर कुछ खास असर देखने को नहीं मिला। इस साल बिटकाॅइन की प्राइसिंग में भारी गिरावट देखने को मिली है। कुल मिलाकर भारत के लिहाज से बिटकाॅइन के लिए यह साल काफी बुरा साबित हुआ। हालांकि इसी साल भारत में दो जगहों पर (बेंगलुरू आैर मुंबर्इ) बिटकाॅइन एटीएम भी खुला है।

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क्रिप्टोकरंसी पर सबसे पहले आरबीआर्इ ने लगाया रोक

बिटकाॅइन से संबंधित जानकारी रखने वाले एक जानकार का कहना है, भारत के लिए क्रिप्टाकारंसी बाजार इस साल नाकारात्मक रहा है। सरकार से उम्मीद थी कि वह क्रिप्टोकरंसी को लेकर कुछ नए नियम व कानून लाएगी। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) ने एक सर्कुलर जारी कर दिया। आरबीआर्इ ने अपने इस सर्कुलर में भारत में क्रिप्टोकरंसी को लगभग पूरी तरह से बंद ही कर दिया है। उसने सभी बैंकों को सख्त आदेश दिया है कि क्रिप्टोकरंसी को लेकर किसी भी तरह का लेनदेन न करें। आरबीअार्इ की तरफ से पहली बार जून 2018 में यह कदम उठाया गया था। भारत में क्रिप्टोकरंसी के भविष्य को लेकर कुछ कह पाना मुश्किल होगा। कुछ कंपनियों ने भारत में अपना कारोबार या तो बंद कर लिया है या फिर दूसरे देशों में अपने लिए संभावनाएं तलाशने में लगी हुर्इ हैं।

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कर्इ एजेंसियो की नजर क्रिप्टोकरंसी पर

साल 2018 में कर्इ क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज ने अपना कारोबार समेट लिया है। उदाहरण के तौर पर देखें तो ZebPay जो कि भारत में क्रिप्टाेकरंसी को लेकर सबसे बड़ा प्लेटफाॅर्म था, सितंबर माह में अपने कारोबार बंद कर चुका है। काॅइनसेक्योर ने भी आंतरिक फ्राॅड की वजह से अपना कारोबार बंद कर दिया था। बीते कुछ सालों में कर्इ एजेंसियो ने क्रिप्टोकरंसी कंपनियों से सवाल जवाब किया है। सबसे पहले आयकर विभाग ने भी बिटकाॅइन एक्सचेंज का सर्वे किया ताकि वो बिटकाॅइन निवेश को लेकर टैक्सेशन से जुड़े फैसले ले सकें। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (र्इडी) ने ये पता लगाने की कोशिश किया कि फाॅरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा एक्ट) के तहत किसी नियमों को उल्लंघन तो नहीं हो रहा।

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बिटकाॅइन की प्राइसिंग में भारी गिरावट

इसी दौरान, आरबीआर्इ, सेक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड आॅफ इंडिया (सेबी) आैर मिनिस्ट्री आॅफ इन्फाॅर्मेशन टेक्नोलाॅजी ने एक साथ मिलकर क्रिप्टोकरंसी पर एक नियम बनाने वाले थे। हालांकि इस नियम के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं है। साथ ही क्रिप्टोकरंसी के वैल्युएशन में भी गिरावट दर्ज की गर्इ है। जनवरी 2018 में बिटकाॅइन 14,112 डाॅलर के स्तर पर था जो कि 14 दिसंबर को 3,319 डाॅलर पर आ चुका है। ये डाटा काॅइनमार्केटकैपडाॅटकाॅम का है। ये प्लेटफाॅर्म क्रिप्टोकरंसी की प्राइसिंग को ट्रैक कतरी है।

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जानिए आपको क्या करना चाहिए

इस मामले से जुड़े कर्इ विश्लेषकों का कहना है कि आने वाला साल क्रिप्टोकरंसी बाजार के लिए मुश्किलों भरा रह सकता है। हालांकि अगले दो सालों के लिए थोड़ी उम्मीद रखी जा सकती है। सबकी नजर इस बात पर होगी कि नियामक इसको लेकर क्या कदम उठाते हैं। इस कारोबार से जुड़े कर्इ एक्सचेंज अभी सही समय की ताक पर हैं। अाने वाले समय में क्रिप्टोकरंसी को लेकर अनिश्चितत्ताआें को देखते हुए अापके लिए सही रहेगा कि फिलहाल आप इससे दूर ही रहें। जानकारों का कहना है कि यदि अभी भी आप इसमें निवेश करना चाहते हैं तो आपको लिए जरूरी है कि आप नियाकीय बदलावों को ध्यान में रखें।

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