छोटे बिजनेस के लिए फिर वापस आ सकता है कम्पोजिशन स्कीम

manish ranjan

Publish: Sep, 08 2017 01:25:00 (IST)

Market
छोटे बिजनेस के लिए फिर वापस आ सकता है कम्पोजिशन स्कीम

कम्पोजिशन स्कीम के तहत 16 अगस्त को 75 लाख से कम टर्नओवर वाले कुछ छोटे बिजनेस बंद होने के बाद अब उनको एक और मौक मिल सकता है।

नई दिल्ली। कम्पोजिशन स्कीम के तहत 16 अगस्त को 75 लाख से कम टर्नओवर वाले कुछ छोटे बिजनेस बंद होने के बाद अब उनको एक और मौक मिल सकता है। इस स्कीम को चुनने वाले लगभग दस लाख टैक्सपेयर्स को ध्यान मे रखते हुए शनिवार को हैदराबाद में होने वाले बैठक मे जीएसटी काउंसिल इस बात पर विचार करेगी ताकि ऐसे छोटे कारोबारी एक बार फिर से इसका फायदा उठा सकें।


अभी तक केवल 11 लाख जीएसटी टैक्सपेयर्स ने ही इस स्कीम चुना

एक सिनियर अधिकारी ने बताया कि, रजिस्ट्रेशन को लेकर छोटे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कारोबारी जीएसटी कम्पोजीशन स्कीम को लेकर अपने बिजनेस को मूल्यांकन करने के लिए अभी और समय की मांग कर रहे है। इसलिए हम उन्हे एक और मौका देने की सोच रहे है। 21 जुलाई को पिछले डेडलाइन मे एक लाख की तुलना की जाए तो 16 अगस्त को खत्म हुए स्कीम इसकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस समय तक लगभग 10 लाख इकाइयों ने रजिस्ट्रेशन किया। अभी तक लगभग 11 फीसदी जीएसटी टैक्सपेयर्स ने इस स्कीम को चुना है।


ये स्कीम टे्रडर्स, रेस्टोरेंट, और मैन्युफैक्चरर या सप्लायर जैसे कुछ छोटे टैक्सपेयर्स पर लागू होता है। इसके तहत एक फीसदी जीएसटी ट्रेडर्स पर, दो फीसदी मैन्यूफैक्चरर पर और 5 फीसदी रेस्टोरेंट पर देय होता है। इसकी सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख पर कर दिया गया था। एक कम्पोजीशन डीलर को तिमाही बेसिस पर GSTR-4 और सलाना बेसिस पर GSTR-9A भरना होगा। अभी के नियमों के अनुसार जिन्होने 16 अगस्त तक रजिस्टर नहीं किया है उन्हे अगले साल एक और मौका दिया जाएगा। यदि काउंसिल अपने आने वाले बैठक मे इसे मंजूरी दे देता है तो अभी तक जिनका रजिस्ट्रेशन अधूरा रह गया है उन्हे फ्लैट रेट स्कीम चुनने का एक और मौका मिल सकता है।


राजस्व सचिव के अनुसार अभी तक 11 लाख लोगो ने जीएसटीएन नेटवर्क पर रजिस्टर नहीं किया है। एक और अधिकारी ने कहा कि, हम इस स्कीम के दायरे के विस्तार के बारे में नहीं सोच रहे है। ये टैक्सपेयर्स को एक इस स्कीम को चुनने के लिए एक और मौका देने के लिए है। इसके लिए नियमों में संशोधन करना होगा। इस स्कीम को छोटे कारोबारी आसानी से अपना पाएंगे क्योंकि इससे उनके टैक्सआधार मे बढ़ोतरी होगा।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned