जीएसटी काउंसिल की बैठक आज, लग्जरी कारों पर बढ़ सकता है सेस

manish ranjan

Publish: Sep, 09 2017 10:23:00 (IST)

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जीएसटी काउंसिल की बैठक आज, लग्जरी कारों पर बढ़ सकता है सेस

लग्जरी कारों पर सेस 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 तक किया जा सकता है, इसके साथ ही एसयूवी पर भी 5 से 7 फीसदी तक सेस बढ़ाया जा सकता है।

नई दिल्ली। आज हैदराबाद में होने वाले जीएसटी काउंसिल की 21वीं बैठक में कई अहम फैसले होने वाले है। इस बैठक में लग्जरी कारों पर लगने वाले सेस में बढ़ोतरी किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार लग्जरी कारों पर सेस 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 तक किया जा सकता है, इसके साथ ही एसयूवी पर भी 5 से 7 फीसदी तक सेस बढ़ाया जा सकता है। सरकार एक ही बार में यदि एक ही बार में सेस बढ़ाकर 25 फीसदी करने पर होने वाले विरोध के मद्देनजर वो सिर्फ लग्जरी कारों पर ही सेस 25 फीसदी तक बढ़ाएगी।


कारों पर सेस बढ़ाने के अलावा सरकार छोटे कारोबारियों को भी राहत दे सकती है। सरकार लगभग 30 चीजों पर मौजूदा समय मे लगने वाले टैक्स रेट की भी समीक्षा करेगी। जैसे 20 इंच के कंप्यूटर स्क्रीन पर लगने वाले 28 फीसदी टैक्स रेट को घटाकर 18 फीसदी कर सकती है, रबर बैंड पर लगने वाले 28 फीसदी के टैक्स रेट को घटाकर 18 फीसदी करने और साड़ी के फॉल पर लगने वाले 12 फीसदी के टैक्स रेट को घटाकर 5 फीसदी करने की उम्मीद है। सरकार इसी 21वीं बैठक में ब्रैंडेड फूड प्रोडक्ट पर जीएसटी से जुड़े नियमों मे बदलाव कर सकती है।


जीएसटी काउंसिल की इस बैठक मे राज्य जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) से जुड़े कई तकनीकी खामियों पर भी चर्चा हो सकता है। आपको बता दें की जुलाई माह के लिए जीएसटीआर-3बी की रिटर्न दाखिल के भारी कामकाल के चलते रिटर्न दाखिल के आखिरी दिन जीएसटीएन के सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कतें आ गई थी जिसके चलते दाखिल की अंति म तिथि को आगे बढ़ाना पड़ा था। इसके साथ ही जीएसटीआर-1 के रिटर्न की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 10 सितंबर तक की गई है।


इन मुख्य बातों पर बैठक मे होगी चर्चा

1. लग्जरी कारो पर सेस मे बढ़ोतरी : लग्जरी कारों पर लगने वाले सेस को 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी किया जा सकता है। साथ ही एसयूवी और छोटी कारों पर पर भी सेस में हल्की बढ़ोतरी संभव है।
2. आम आदमी से जुड़े कुछ सामानों के टैक्स रेट मे कटौती : झाड़ू, साड़ी फॉल, मिट्टी से बनी मूर्तियां, खादी कपड़े और हवन सामग्री जैसे कुछ चीजों पर लगने वाले मौजूदा टैक्स रेट को घटाया जा सकता है।
3. ट्रेडमार्क के लिए नया फ्रेमवर्क : ब्रैंडेड फूड प्रोडक्ट से जुड़े जीएसटी के नियमों मे कुछ बदलाव हो सकता है।

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