वो शख्स, जिसकी वजह से हिट हुआ Happiest Minds का Initial public offering!

  • हैपिएस्ट माइंड्स ( Happiest Minds) का आईपीओ ( Initial public offering) इस दशक का आठवां सबसे बड़ा इश्यू बन गया है।
  • कंपनी का इश्यू नॉन-इंस्टीट्यूशनल सेगमेंट में 351.50 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

By: Vivhav Shukla

Published: 14 Sep 2020, 06:34 PM IST

नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी (Happiest Minds) के आईपीओ (Initial Public Offering) में निवेशकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दिखाई है। 7 से 9 सितंबर तक खुला इस इश्यू को 151 गुना तक सब्सक्राइब किया गया।

स्टॉक एक्सचेंज की रिपोर्ट के मुताबिक हैपिएस्ट माइंड्स का IPO इस दशक का आठवां सबसे बड़ा इश्यू बन गई है। कंपनी का इश्यू नॉन-इंस्टीट्यूशनल सेगमेंट में 351.50 गुना सब्सक्राइब हुआ है। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स सेगमेंट में 77.4 गुना बोली लगी है।

हैपिएस्ट माइंड्स के IPO की बात करें तो ज्यादातर एनालिस्ट डिजिटल कारोबार से होने वाली इसकी आमदनी को लेकर उत्साहित हैं। आईपीओ में निवेशकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दिखाने की वजह कंपनी के फाउंडर अशोक सूता है। 13 साल पहले अशोक की कंपनी माइंडट्री के आईपीओ को 103 गुना बोलियां मिली थीं।

कौन है अशोक सूता ?

अशोक सूता का नाम देश की आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री के दिग्गजों में शुमार है। वे तीन बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों के प्रमुख भी रह चुके हैं। आईआईटी-रुड़की से इंजीनियरिंग करने वाले सूता 1985 में आईटी कंपनी विप्रो की कमान भी सभाल चुके हैं। इसके बाद साल 1999 में दस लोगों के साथ मिलकर माइंडट्री नाम री कंपनी बनाया। हालांकि बाद में आपसी मतभेदों के कारण सूता माइंडट्री से अलग हो गए।

इसके बाद साल 2011 में उन्होंने हैपिएस्ट माइंड्स की स्थापना की. अब उनकी इस स्टार्टअप कंपनीका आईपीओ दशक का भारत का सबसे सफल आईपीओ बन गया है। रिपोर्ट की माने तो हेप्पिएस्‍ट माइंड्स की डिजिटल बिजनेस से आय दिग्‍गज आईटी कंपनी इंफोसिस, कॉग्निजेंट और माइंडट्री के मुकाबले बहुत ज्यादा है।

 
 
Vivhav Shukla
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