कम हुई जनधन योजना के तहत जीरो बैलेंस बैंक खातों की संख्या: जेटली

manish ranjan

Publish: Sep, 13 2017 01:22:14 PM (IST)

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कम हुई जनधन योजना के तहत जीरो बैलेंस बैंक खातों की संख्या: जेटली

जनधन योजना के तहत देशभर में 30 करोड़ अकाउंट खोले जा चुके है। जीरो बैलेंस अकाउंट की संख्या बीते तीन साल में 77 फीसदी से घटकर 20 फीसदी हो गया है।

नई दिल्ली। पिछले तीन साल मे जीरो बैलेंस अकाउंट मे भारी गिरावट देखने को मिला है। इस बात की जानकारी वित्त मंत्री ने बुधवार को बताया। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि, जनधन योजना के तहत देशभर में 30 करोड़ अकाउंट खोले जा चुके है। जीरो बैलेंस अकाउंट की संख्या बीते तीन साल में 77 फीसदी से घटकर 20 फीसदी हो गया है। जेटली ने ये बात बुधवार को यूनाइटेड नेशंस के फाइनेंशियल इन्क्लूजन कॉनक्लेव में कहा कि, जनधन के तहत सबसे ज्यादा उन लोगों के पास अभी तक बैंकिंग सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थी।

 

99.99 फीसदी हाउसेहोल्ड के पास बैंक खाता

उल्लखनीय है कि जनधन स्कीम के लॉन्च होने के बाद सितंबर 2014 में 76.81 फीसदी अकाउंट जीरो बैलेंस पर थे लेकिन अब तीन साल बाद यह घटकर 20 फीसदी हो गया है। जेटली ने बताया कि यह जनधन योजना की ही देन है कि अब करीब 99.99 फीसदी होउसहोल्ड के पास कम से कम एक बैंक खाता है। जेटली ने आगे बताया कि, जनधन योजना के शुरू होने से पहले करीब 42 फीसदी हाउसहोल्ड के पास बैंकिंग सुविधा नहीं थी।

 

नोटबंदी से टैक्स बढ़ा

आपको बता दें कि ऐसे सभी लोगों के लिए कॉमर्शियल बैंकों मे जीरो बैलेंस खाता खोलने की सुविधा इस स्कीम के जरिए ही शुरू की गई थी। इस कॉनक्लेव में जेटली ने कहा कि नोटबंदी का नतीजा यह रहा कि इससे टैक्स बेस बढ़ा है। इसके साथ ही देश भर में कैश कम हुआ है और इकोनॉमी अधिक फॉर्मल हुआ है। नोटबंदी के बाद से लोगों मे अब कैश का लेनदेन में कमी आई है।

 

यूपीए ने आधार को कोई कानूनी सपोर्ट नहीं दिया

पिछली यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुए जेटली ने कहा कि यूपीए सरकार ने आधार को कोई कानूनी सपोर्ट नहीं दिया था। आधार को लाने के बाद भी इसकी पूरी क्षमता को प्रयोग नहीं किया गया। आधार देश को आगे ले जाने वाला विचार है। जेटली ने आगे कहा कि, आधार कानून बीजेपी के वक्त मे पास हुआ और मुझे पूरा भरोसा है कि आधार संविधान की कसौटी पर खरा उतरेगा।

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