दुनिया के उभरते बाजारों की लिस्ट में तीसरे पायदान पर पहुंचा भारत, तेजी से सुधर रही अर्थव्यवस्था

- तेजी से सुधार की ओर भारतीय अर्थव्यवस्था, गत सूची से पांच पायदान की लगाई छलांग।
- इमर्जिंग मार्केट्स की सूची में तीसरे पायदान पर पहुंचा भारत।

By: विकास गुप्ता

Published: 18 Feb 2021, 01:23 PM IST

नई दिल्ली । वी-शेप रिकवरी की ओर बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। भारत ने जनवरी में 5 पायदानों के चढ़ाव को पार करते हुए इमर्जिंग मार्केट्स की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। बढ़ते एक्सपोर्ट, गिरती महंगाई व उत्पादन गतिविधियों में आई जोरदार बढ़त ने जनवरी में भारत की रैंकिंग में जोरदार इजाफा किया है। हालांकि भारत अभी भी पड़ोसी देश चीन से दो पायदान नीचे है। जनवरी में भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 6.2 फीसद की बढ़त के साथ 27.45 अरब डॉलर रहा है। जनवरी में लगातार दूसरे महीने एक्सपोर्ट में बढ़त देखने को मिली है।

जापानी वित्तीय होल्डिंग कंपनी नोमुरा ने अपने नोट में भारत के प्रोविजनल एक्सपोर्ट आकंड़ों के आधार पर पर कहा है कि जनवरी में देश का एक्सपोर्ट ग्लोबल ट्रेड के अनुरूप रहा है। वॉल्यूम में बढ़त के साथ ही देश के एक्सपोर्ट को कमोडिटी और इनपुट कीमतों में ग्लोबल स्तर पर हो रही बढ़ोतरी का भी फायदा मिला है।

मैन्युफैक्चरिंग पीएमआइ उच्चतम स्तर पर-
जनवरी में उत्पादन, बिक्री व एक्सपोर्ट में तेजी से आई ग्रोथ के चलते भारत की मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआइ) जनवरी में 3 महीने के उच्चतम स्तर 57.7 पर पहुंची है, जो उभरते बजारों में सबसे बेहतर है।

स्टॉक मार्केट कैपिटलाइजेशन भी बढ़ा -
विकास दर में इजाफे की उम्मीद से देश के वित्तीय बाजार में भी उछाल आया। जनवरी में भारत का स्टॉक मार्केट कैपिटलाइजेशन दिसम्बर की तुलना में 6 फीसद बढ़ा। सिर्फ तुर्की (11.1 फीसद) व चीन (7 फीसद) ने ही इस सेक्टर में हमसे अच्छा प्रदर्शन किया।

महंगाई में गिरावट -
महंगाई के आकंड़ों में गिरावट की वजह से भी भारत को इमर्जिंग मार्केट्स लिस्ट के ऊपरी पायदान में स्थान हासिल करने में सहायता मिली है। खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर घटकर 1.9 फीसद आने से देश की महंगाई घटकर 4 फीसद पर आ गई। हालांकि कोर महंगाई दर ऊंचे स्तर पर है।

गत वर्ष लॉन्च हुआ इमर्जिंग मार्केट ट्रेकर-
एक अंग्रेजी अखबार ने यह ट्रेकर गत साल दिसबंर में लॉन्च किया था। इसमें इमर्जिंग मार्केट्स की इकोनॉमी की हेल्थ को जांचने के लिए ७ हाइ फ्रीकवेंसी इंडेक्टर्स जैसे पीएमआइ, रियल जीडीपी ग्रोथ, मुद्रा विनिमय दर के उतार-चढ़ाव व स्टॉक मार्केट के कैपिटलाइजेशन आदि उपयोग होते हैं। इसमें 10 बड़े इमर्जिंग मार्केट्स शामिल होते हैं। इससे उभरते बाजारों की तुलना में देश के बाजार की हेल्थ पता चलती है।

विकास गुप्ता
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