सरकार के दावों पर सवाल, लगातार घट रहा उपभोक्ताओं का विश्वास

alok kumar

Publish: Dec, 07 2017 06:00:49 (IST)

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सरकार के दावों पर सवाल, लगातार घट रहा उपभोक्ताओं का विश्वास

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था इस समय अजीब स्थिति से गुजर रही है।

नई दिल्‍ली. भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था इस समय अजीब स्थिति से गुजर रही है। एक ओर जहां देश की अर्थव्‍यवस्‍था मजबूत हो रही है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्‍ताओं का विश्‍वास लगातार गिर रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 6 दिसंबर को जारी कंज्‍यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे के मुताबिक देश की आर्थिक स्थिति, रोजगार परिदृश्‍य और आय में गिरावट दर्ज की गई है। सर्वे के अनुसार वर्तमान स्थिति सूचकांक और भविष्य के उम्मीदों का सूचकांक, दोनों में महत्‍वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे के लगातार पांचवे दौर में सामान्य आर्थिक स्थिति पर वर्तमान धारणाएं नीचे आई हैं।


सितंबार के मुकाबले नवंबर में गिरावट
सर्वे के मुताबिक सितंबर महीने में कंज्‍यूमर कंफिडेंस इंडेक्‍स 95.5 फीसदी था जो गिरकर नवंबर माह में 91.1 फीसदी पर आ गया। इंडेक्‍स 100 से नीचे आना निराशावाद का ***** है। जून से कंज्‍यूमर कंफिडेंस इंडेक्‍स 100 से नीचे बना हुआ है। कंज्‍यूमर कंफिडेंस में गिरावट वैसे समय में है जब भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी से सुधार हो रहा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.3 फीसदी रहा, जबकि अप्रेल-जून तिमाही में यह तीन साल के निचले स्‍तर 5.7 फीसदी पर पहुंच गया था। भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में गिरावट नोटबंदी और जीएसटी जैसे दो बड़े सुधार के बाद आया।


महंगाई बढ़ने की उम्‍मीद
सर्वे में शामिल 5,100 शहरी परिवारों में से 80 फीसदी का मनना है कि आने वाले तिमाही में सामान्य कीमतों में वृद्धि की उम्मीद है। वहीं, आधे से अधिक का मानना है कि महंगाई में इजाफा होगा। उल्‍लेखनीय है कि फूड और फ्यूल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यह सात महीने के ऊंचाई पर बना हुआ है।


सर्विस सेक्‍टर में भी गिरावट
सर्विस सेक्‍टर की गतिविधि बताने वाली निक्‍केई इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजिंग इंडेक्‍स (पीएमआई) के अनुसार नवंबर माह में 48.5 पर रहा। वहीं, अक्‍टूबर में यह 51.7 था। सर्विस सेक्‍टर की पीएमआई में यह तीन महीनों में पहली गिरावट थी। निक्‍केई के अनुसार सर्विस सेक्‍टर में गिरावट जीएसटी के चलते आया है।

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