रियल एस्टेट भी आ सकता है GST के दायरे में, जेटली ने दिया संकेत

उन्होने कहा कि, रियल एस्टेट सेक्टर उन सेक्टर्स मे सबसे ज्यादा टैक्स चोरी होता है और इसलिए इस सेक्टर को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

By: manish ranjan

Published: 12 Oct 2017, 01:19 PM IST

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने रियल एस्टेट को जीएसटी के अंतर्गत लाने को लेकर संकेत दे दिया है। उन्होने कहा कि, रियल एस्टेट सेक्टर उन सेक्टर्स मे से एक है जहां सबसे ज्यादा टैक्स चोरी होता है और इसलिए इस सेक्टर को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। जेटली ने ये संकेत तक दिया जब वो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में लेक्चर दे रहे थे। उन्होने कहा कि 9 नवंबर को गुवाहाटी में होने वाले जीएसटी काउंसिल की अगती बैठक में इसपर चर्चा होगी।


रियल एस्टेट सेक्टर में टैक्स चोरी सबसे बड़ी समस्या

एनुअल महिन्द्रा लेक्चर में टैक्स रिफॉर्म पर लेक्चर देते हुए जेटली ने कहा कि, भारत में रियल एस्टेट सेक्टर एक ऐसा सेक्टर है जहां सबसे ज्यादा टैक्स चोरी होती है और कैश पैदा होता है। अभी यह सेक्टर जीएसटी के दायरे से बाहर है, हालांकि कु छ राज्यों ने इसपर बात पर जोर दिया है कि रियल एस्टेट सेक्टर को भी जीएसटी के दायरे के अंतर्गत होना चाहिए। जेटली ने कहा कि, ये उनका व्यक्तिगत राय भी है कि जीएसटी को रियल एस्टेट के दायरे में होना चाहिए और इसके लिए कई मजबूत आधार है। उन्होने आगे कहा कि, सरकार अभी बैंकिंग सेक्टर की क्षमता को रिकन्सट्रक्शन के प्लान पर काम कर रही है। मौजूदा समय में बैकिंग सिस्टम में रिफॉर्म करना सरकार के एजेंडे में सबसे शीर्ष पर है। आज के समय में ग्लोबल ग्रोथ के दिशा में बदलाव होने लगा है और इसके लिए बैंकिें ग सेक्टर की क्षमता को रिकंस्ट्रक्ट करना एक आवश्यक कदम है।


सुस्त टैक्स सिस्टम को करना है तेज

जेटली ने कहा कि, हमारे यहां एक सुस्त टैक्स व्यवस्था है जिसमें हम बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा ध्यान इसी टैक्स बेस को बढ़ाना है। नोटबंदी पर बात करते हुए उन्होने कहा कि, लोगों ने इसे ठीक तरीके से समझा नहीं। बैंको मे पूरा पैसा आ जाने का ये मतलब नहीं है कि वो सारा पैसा लीगल ही है। अभी हम टैक्स को ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया को और आसान बना रहे हैं। अभी तक 55 लाख लागों ने ही जीएसटी टैक्स भरा है, और इनमे से 40 फीसदी लोगों ने जीरो टैक्स दिया है। जीएसटी और नोटबंदी से लंबे समय में फायदा मिलेगा हालांकि अभी शॉर्ट टर्म में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी से सबसे ज्यादा फायदा राज्य सरकारों को हुआ है, उन्हे 80 फीसदी का इनकम का फायदा मिल रहा है।

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