एसबीआई ग्राहकों के लिए खुशखबरी- मिल सकती है मिनिमम बैंलेंस न रखने से आजादी

manish ranjan

Publish: Sep, 17 2017 03:15:15 PM (IST)

बाजार
एसबीआई ग्राहकों के लिए खुशखबरी- मिल सकती है मिनिमम बैंलेंस न रखने से आजादी

एसबीआई ग्राहको को जल्द मिल सकता है बड़ा तोहफा

नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को खाते में मिनिमम बैंलेंस न रखने की आजादी दे सकता है। दरअसल मिनिमम बैंलेंस न रखने वाले करोड़ों ग्राहकों को हो रही परेशानी को देखते हुए जल्द ही मामले पर पुर्विचार कर सकता है। फिलहाल एसबीआई खाताधारक को 5 हजार रुपए का मिनिमम बैलेंस अपने खाते में रखना जरूरी है। ऐसा न कर पाने पर बैंक पेनाल्टी के तौर पर पैसे काटा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक प्रबंधन इस मामले को लेकर विचार कर रहे हैं कि मिनिमम बैलेंस न रखने की छूट दी जाए। गौरतलब है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास 40 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं जिनमें 13 करोड़ लोगों के खाते जीरो बैंलेंस में खोले गए थे।


सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करें खाते
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ऐसे ग्राहकों के सेविंग अकाउंट को बेसिक सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करने की सलाह दे रहा है। इस अकाउंट में जीरो बैलेंस होने पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं कटता है। इस अकाउंट में खाताधारकों को केवल चेक बुक की सुविधा नहीं मिलती है।


अभी कितना कटता है चार्ज


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रिवाइज चार्ज के मुताबिक अभी जो लोग मिनिमम बैंलेंस मेंटेन नहीं करते उनसे बैंक 100 रुपए प्रति महीने का पेनल्टी चार्ज वसूलता है। मेट्रो शहरों में जिन लोगों के खाते में 5000 रुपए से कम का बैलेंस होता है उन्हे 100 रुपए के अतिरिक्त जीएसटी भी पेनल्टी के रुप में देनी होती है। वहीं खाते में अगर 5000 रुपए से 50 फीसदी कम रकम है तो पेनल्टी के रुप में 50 रुपए देने पड़ते हैं। वहीं फंसे हुए कर्ज को लेकर बैंक को उम्मीद है कि आनेवाले तिमाहियों में एनपीए कम हो जाएंगे। बैंक का सकल एनपीए करीब 1.90 लाख करोड़ रुपये है, जो कुल कर्ज का 9.93 फीसद है। चिंता की वजह शुद्ध एनपीए है जो फिलहाल 3 फीसदी पर हैजबकि इसे 1.5 फीसदी रहना चाहिए।

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