नए आर्थिक वर्ष के चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, ये दो महाशक्तियां बनी वजह

नए आर्थिक वर्ष के चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, ये दो महाशक्तियां बनी वजह

Saurabh Sharma | Updated: 04 Apr 2018, 05:15:48 PM (IST) बाजार

शेयर बाजार चालू वित्त वर्ष के तीन दिन के कारोबार में पहली बार लुढ़का है।

नई दिल्ली। अमेरिका और चीन द्वारा आयात शुल्क का ‘व्यापार युद्ध’ के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से आशंकित निवेशकों की बिकवाली के दबाव में घरेलू शेयर बाजार शुरुआती बढ़त खोते हुए गिरावट में बंद हुये। शेयर बाजार चालू वित्त वर्ष के तीन दिन के कारोबार में पहली बार लुढ़का है। विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 351.56 अंक की गिरावट में 33,019.07 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 116.60 अंक की गिरावट में 10,128.40 अंक पर बंद हुआ।

बना हुआ है कंपनियों पर दबाव
विश्लेषकों के मुताबिक, मौजूदा वैश्विक परिदृश्य जोखिम भरे निवेश के प्रतिकूल बन गया है। एक तरफ आयात शुल्क को लेकर चीन और अमेरिका जैसी दो आर्थिक महाशक्तियां टकरा रही हैं, तो दूसरी ओर फेसबुक, अमेजन और एप्पल जैसी कंपनियाँ दबाव में हैं। फेसबुक यूजर्स डाटा चोरी को लेकर सुर्खियों में है, तो अमेजन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेढ़ी नजर है। एप्पल अपने नये आईफोन की कमजोर बिक्री से परेशान है और गूगल के पास कोई नया उत्पाद नहीं है। टेक कंपनियां शेयर बाजार में काफी हिस्सेदारी रखती हैं और उनकी गिरावट वैश्विक बाजारों के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार के लिए भी घातक है।

इस वजह से आई गिरावट
शुरुआती कारोबार में ऑटो के अलावा रियल्टी और इंडस्ट्रियल्स के सूचकांक भी बढ़त में थे, लेकिन चीन द्वारा अमेरिका के 106 उत्पादों पर 25 फीसदी का आयात शुल्क लगाने की घोषणा के बाद ऑटो के अलावा अन्य सभी 19 समूहों के सूचकांक लुढ़क गये। निवेशकों को आशंका है कि आने वाले समय में अमेरिका और चीन की यह लड़ाई वैश्विक व्यापार युद्ध की शक्ल ले लेगी। निवेशक साथ ही रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के मद्देनजर भी सर्तकता बरत रहे हैं।

बढ़त के साथ खुला था कारोबार
सेंसेक्स पिछले दो दिनों की बढ़त को बरकरार रखते हुए 56.89 अंक की तेजी में 33,437.52 अंक पर खुला। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही यह 33,505.53 अंक के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। लेकिन, चीन द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा के साथ ही यह लुढ़कता हुआ 33,000 अंक के आँकड़े के नीचे उतरकर 32,972.56 अंक के दिवस के निचले स्तर पर आ गया। यह अंतत: गत दिवस की तुलना में 1.05 प्रतिशत टूटकर 33,019.07 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की मात्र पाँच कंपनियाँ हरे निशान में टिक पायीं। शेष 25 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही।

निफ्टी में भी रही थी तेजी
निफ्टी की शुरुआत भी 29.60 अंक की तेजी के साथ 10,274.60 अंक से हुई। यह कारोबार के दौरान 10,279.85 अंक के उच्चतम और 10,111.30 अंक के निचले स्तर से होता हुआ बीते दिन की तुलना में 1.14 फीसदी लुढ़ककर 10,128.40 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 42 कंपनियाँ लाल निशान में और शेष आठ हरे निशान में रहीं।

कंपनियों के शेयर्स में भी गिरावट
बीएसई में कुल 2,784 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 150 के भाव अपरिवर्तित रहे जबकि 1,190 कंपनियों के शेयर में तेजी और 1,444 में गिरावट रही। दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मंझोली कंपनियों पर भी बिकवाली का दबाव हावी रहा। बीएसई का मिडकैप 0.92 फीसदी यानी 150.04 अंक लुढ़ककर 16,184.97 अंक पर और स्मॉलकैप 1.01 प्रतिशत यानी 178.70 अंक लुढ़ककर 17,449.75 अंक पर बंद हुआ।

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