उम्मीद 2021 - खिलेगी आर्थिक विकास की धूप, सुधरेंगी कारोबारी गतिविधियां

अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी में बढ़ोत्तरी दिखेगी, निर्यात और रोजगार की स्थिति भी बेहतर होगी।

हम विकास की रफ्तार व पहुंच बढ़ाएंगे और इसकी निरंतरता भी बनाएंगे ।

By: विकास गुप्ता

Updated: 19 Dec 2020, 10:10 AM IST

हमने कोरोना काल का ऐतिहासिक इस्तेमाल किया। इस वक्त का उपयोग अपने जरूरी सुधारों को अपनाने में किया। इनसे ऐसी नींव पड़ी है जो भारत के सुदृढ़ भविष्य को सुनिश्चित करेगी। लंबे समय से लटके श्रम सुधारों को अंजाम दिया गया। कारोबारी सुगमता यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए नियमों को आसान किया गया। 13 खास सेक्टर के लिए शुरू की गई उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआइ) योजना से बड़े पैमाने पर निवेश आएगा। दुनिया को टक्कर देने वाली इकाइयां खड़ी होंगी। रोजगार मिलेगा और निर्यात बढ़ेगा। जो उद्योग चीन से बाहर निकलना चाहते हैं, उनके लिए भारत प्राथमिकता में रहेगा। छोटे और लघु उद्योगों की परिभाषा बदली गई। पुरानी परिभाषा की वजह से कई बार कारोबारी अपने कारोबार को इसमें तय सीमा से अधिक बढ़ाना नहीं चाहता था। आने वाले साल 2021 में कैसा रहेगा बाजार, कारोबार इस बारे में हमने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार से बात की ।

बीता साल...
सच है कि कोरोना ने हमारे रोजगार, कारोबार और बाजार के हर पहलू को अस्त-व्यस्त किया। लेकिन हम भारत के लोग मुकाबले के लिए मिल कर उठ खड़े हुए। नतीजा यह है कि दिसंबर में खत्म हो रही तिमाही में हमारी आर्थिक गति पिछले साल जितनी हो जाएगी। अगले वित्त वर्ष से पहले हम इससे पूरी तरह उबर चुके होंगे।

पहली मंदी के मायने व इससे उबरना -
यह अचानक आई वैश्विक आपदा थी। हम तेजी से बाहर निकल रहे हैं। अगले वित्त वर्ष में जीडीपी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी दिखेगी। बाद के वर्षों में उम्मीद है, यह 7.5 से 8 फीसद रहेगी। आने वाले वर्षों में हम 5 ट्रिलियन इकॉनॉमी तक पहुंचेंगे। आर्थिक विकास की गति बढ़ाएंगे भी और विकास को संवहनीय व सतत भी बनाएंगे।

खेती-किसान...
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इसमें जरूरी सुधार के कदम उठाए गए हैं। बहुत से किसान इसे समझ रहे हैं। बाकी भी समझेंगे। इससे खेती में निवेश बढ़ेगा और नई संभावनाएं खुलेंगी। भारत प्रमुख कृषि निर्यातक देश के रूप में उभरेगा। इसके साथ ही नीति आयोग रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रयासरत है। इससे लागत घटेगी, किसानों का फायदा काफी बढ़ेगा। वैश्विक बाजार में हमारी विशेष जगह बनेगी। रसायन ही नहीं पानी, बिजली की खपत घटेगी। जहरीली गैसों का उत्सर्जन घटेगा। जमीन का ऑर्गेनिक कार्बन कंटेंट बढ़ेगा। पर्यावरण को फायदा होगा। भारत एग्रो-इकोलॉजी में दुनिया का नेतृत्व करेगा। यह अगले कुछ वर्षों में ही होता दिखेगा।

पर्यटन में कब और कैसे लौटेगी बहार?
पर्यटन उद्योग की ओर से कई जरूरी सावधानियां अपनाकर इसे लोगों के लिए सुरक्षित बनाया जा रहा है। टीके से इलाज पर लोगों का भरोसा और बढ़ेगा। साथ ही इस दौरान कई और गंभीर कोशिशें हो रही हैं। कई सर्किट बनाए जा रहे हैं, बौद्ध और हिंदू मंदिरों के सर्किट। नेचुरल एडवेंचर सर्किट तैयार हो रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है और सभी संबंधित पक्षों को ट्रेनिंग दी जा रही है। जल्दी ही यहां भी वापसी होगी। लोगों को फिर से यहां रोजगार भी मिलेगा।

Prediction for 2021
विकास गुप्ता
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