बृज में बसंत पंचमी से शुरू हो जायेगा 40 दिवसीय होली महोत्सव

- बसंत पंचमी से शुरू होगा होली उत्सव
- बृज के मंदिरों में उड़ेगा रंग ,गुलाल
- 40 दिवसीय होली उत्सव की 16 फ़रवरी से होगी शुरुआत
- मंदिरों में होली की तैयारियाँ अंतिम चरण में

By: arun rawat

Published: 12 Feb 2021, 04:15 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क


मथुरा. ब्रज के मंदिरों में होने वाली होली का डंका देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। कान्हा की नगरी में होली का महोत्सव वसंत पंचमी से ही शुरू हो जाता है। होली के 40 दिवसीय महोत्सव में यहां के प्रमुख मंदिरों के उत्सव की छटा अलौकिक होती है।

16 फ़रवरी से बृज में होली की शुरुआत हो जाएगी। 40 दिवसीय होली के उत्सव में बृज के मंदिरों में अलग ही नजारा देखने को मिलता है। विगत वर्ष होली देखने के लिए 10 लाख श्रद्धालु मथुरा,बरसाना ,नन्द गॉव,वृन्दावन में आए थे। इनमें विदेशी पर्यटकों की बड़ी संख्या रही। होली के बाद विश्व भर में फैले कोरोना संक्रमण ने सभी आयोजनों की गति को थाम दिया था। बृज के साथ-साथ देश भर में मंदिर बंद हो गए और आयोजनों में लोगों की संख्या को तय कर दिया गया। लगभग ग्यारह महीने बाद होली का उत्सव सामने है। बृज के प्रमुख सभी मंदिरों में होली की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

 

वसंत पंचमी से बृज में उड़ेगा गुलाल

द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने होली के उत्सव की जानकारी देते हुए कहा कि 16 फरवरी वसंत पंचमी से ठाकुर राजाधिराज मंदिर में होली के रंग बरसना शुरू हो जायेगा। मंदिर के सेवायत सोने-चांदी के थालों में रंग-बिरंगे गुलाल ,भगवान द्वारिकाधीश के समक्ष धराएंगे। पूर्णिमा पर मंदिर में ढांढ़ा गढ़ जाएगा और पड़वा से मंदिर में होली के पद और रसिया गायन शुरू होंगे। उन्होंने का कि कोरोना की बंदिशें अभी हैं। भारत सरकार द्वारा जारी की गयी गाइड लाइन का पालन करते हुए मंदिर में 65 वर्ष से अधिक और दस वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ-साथ गर्भवती महिला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।


बसंत पंचमी के दिन बसंती पोशाक धारण करेंगे ठाकुर बाँके बिहारी

हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भगवान बाँके बिहारी वसंत पंचमी के दिन अपने भक्तों के साथ गुलाल की होली खेलेंगे। बृज में चालीस दिवसीय होली का शुभारंभ करेंगे भगवान बाँके बिहारी। बता दें कि वसंत के दिन ठाकुर जी की तीनों आरतियों में भक्तों पर गुलाल बरसाया जाएगा। मंदिर के सेवायत इस दिन भगवान बाँके बिहारी को वसंती रंग की पोशाक धारण कराएँगे। बृज में वसंत पंचमी के दिन से सवा महीने तक ठाकुरजी के गालों पर प्राकृतिक फूलों का बना हर्बल गुलाल लगाया जाएगा। कान्हा की नगरी के सभी प्रमुख मंदिरों में होली के पद और रसिया गायन शुरू हो जायेगा।

By - Nirmal Rajpoot

Holi Holi festival
arun rawat
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned