मोबाइल गेम खेलते-खेलते कार में लॉक हो गया 8 वर्षीय मासूम, दम घुटने से मौत

बच्चे की मौत की खबर सुन परिवार की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल

By: Neeraj Patel

Published: 18 Jun 2021, 02:14 PM IST

मथुरा. जिले में कार के अंदर गेम खेलने से दम घुटने के कारण एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि गेम खेलते खेलते कार का दरवाजा लॉक हो गया था। बच्चा दरवाजा खोल नहीं पाया, जिसके चलते उसकी दम घुटने से मौत हो गई। यह घटना यूपी के रिफाइनरी थाना क्षेत्र के गांव बरारी की है। बच्चे की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। बरारी गांव का निवासी रिंकू अग्रवाल अपने भाई के साथ किराना स्टोर चलाता है। बुधवार शाम 7 बजे दुकान बन्द करकर रिंकू घर आया तो उसके 8 वर्षीय बेटे कृष्णा ने गेम खेलने के लिए उसका मोबाइल ले लिया। फिर वह गेम खेलने लगा। रात में सोने से पहले जब कृष्णा किसी को नजर नहीं आया तो उन्होंने उसे इधर उधर ढूंढा। लेकिन कृष्णा कहीं नहीं मिला। परिजन काफी घबरा गए। इसके बाद रात लगभग 10:30 बजे कार की खिड़की के अंदर कृष्णा नजर आया।

परिजनों ने कार का गेट खोला तो वह अंदर बेहोश पड़ा हुआ था। फिर परिजन कृष्णा को तुरंत स्वर्ण जयंति अस्पताल लेकर गए। डॉक्टर ने वहां कृष्णा को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुन परिवार की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि शाम को रिंकू अग्रवाल जब दुकान से घर आए तो कृष्णा ने गेम खेलने के लिए उनका फोन ले लिया। इसके बाद कृष्णा गेम खेलने के लिए कार में बैठ गया। जब कृष्णा से गाड़ी का गेट नहीं खुला तो उसकी दम घुटने से मौत हो गई।

परिजनों ने किसी तरह कार का गेट खोल कर बच्चे को बाहर निकाला। वे बच्चे को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। कृष्णा का शव घर पहुंचने पर महिलाएं बिलख-बिलखकर रो पड़ीं। चिकित्सक के अनुसार दम घुटने के कारण कृष्णा की मौत हुई है।

चार बहनों का अकेला भाई था कृष्णा

माना जा रहा है कि मोबाइल पर गेम खेलते-खेलते कृष्णा ने कार के दरवाजे अंदर से बंद किए होंगे, जो अपने आप लॉक हो गए। रिंकू अग्रवाल के पांच बच्चे हैं। कृष्णा सबसे छोटा बेटा था। चार बेटियां होने के बाद कृष्णा हुआ था। रिंकू की सबसे बड़ी बेटी नंदिनी 15 वर्षी की है। उससे छोटी पूजा, आरती और खुशबू हैं। सबसे छोटा कृष्णा था इसलिए परिवार का दुलारा था। कलेजे के टुकड़े की मौत से परिवार के लोगों की आंखों में आंसू नहीं थम रहे हैं।

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