बांके बिहारी न हो जाएं कोरोना संक्रमण से ग्रसित, दर्शन को हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

- मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों के टेंपरेचर और हाथों को सैनिटाइज कराने का रखा गया प्रावधान
- श्रद्धालुयों की बढ़ती भीड़ के दबाव के चलते सारी व्यवस्थाएं हो गई फेल

By: Neeraj Patel

Published: 17 Oct 2020, 02:32 PM IST

मथुरा. कोरोना महामारी के चलते करोड़ों भक्तो की आस्था का केंद्र वृन्दावन का बांके विहारी मंदिर पिछले लगभग 6 महीने के बाद आम भक्तों के लिए दर्शन के लिए खोला गया। मंदिर प्रबंधन तंत्र के द्वारा सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए खोला गया है। मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों के टेंपरेचर और हाथों को सैनिटाइज कराने का प्रावधान रखा गया था लेकिन भीड़ के दबाव के चलते सारी व्यवस्थाएं फेल हो गई। ऐसा लगता है की बांके बिहारी लाल को कोरोना अपनी गिरफ्त में न ले ले।

अनलॉक-5 में 6 महीने बाद शनिवार को भगवान बांके बिहारी ने अपने भक्तों को दर्शन दिए। भगवान बांके बिहारी के दीदार के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, तो वहीं कोरोना काल में नियमों की अनदेखी और मंदिर प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। भगवान बांके बिहारी मंदिर मैं प्रवेश दिए जाने से पूर्व मंदिर में दर्शन को आने वाले भक्तों के लिए सेनिटाइजर से हाथों को स्वच्छ करने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को जरूरी रखा गया। जहां मंदिर के अंदर तो कोविड - 19 के नियमों का पालन होता दिखाई दे रहा है मगर मंदिर के बाहर आने वाले भक्तों की अपार भीड़ का जुटना खतरनाक साबित हो सकता है।

सरकारी नियम कानूनों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती सरेआम नजर आ रही हैं। पहले दिन ये हाल है तो बाकी दिन क्या होगा। हजारों की संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं जिससे बांके बिहारी को कोरोना संक्रमण होने का ख़तरा भी बढ़ गया है। भगवान बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचने के लिए हजारों भक्तों को टेडी मेड़ी संकरी गलियों से होकर गुजरना होता है।

मंदिर के अंदर प्रशासन के आदेश अनुसार पांच से सात लोगों को ही मंदिर में एक साथ प्रवेश किया जा रहा है। मंदिर के बाहर भक्तों की बड़ी संख्या मेंं भीड़ मौजूद है। भक्तों में खासा उत्साह और जोश दिख रहा है इसी लिए हर कोई सबसे पहले भगवान के सामने जाना चाहता है और उनके मनोहारी दर्शन करके अपनी मनोकामना को पूर्ण करने का आशीर्वाद पाकर जाना चाहता। नवरात्रि शुरू होते ही 17 अक्टूबर से बांके विहारी जी का मंदिर आम भक्तों के लिए खोला गया है तो लोगों वृन्दावन की तरफ दौड़ लिए और अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए लालयत हैं। मगर आज पहले दिन ही मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सारी व्यवस्था भक्तों की भीड़ के आगे फेल होते दिख रही है।

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