बुलियन कारोबारी हत्या या आत्महत्या, ‘नोट’ में छिपा है राज

नीरज अग्रवाल के पास से मिले एक नोट की जांच फॉरेंसिक टीम कर रही है। नोट में क्या लिखा है यह एक पहेली बना हुआ है जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।

मथुरा। बुलियन कारोबारी उसकी पत्नी और बच्ची के गाड़ी में मिले शव के मामले में पुलिस जहां इसे सुसाइड केस मान रही है, वहीं परिजन इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए इसे सुसाइड नहीं बल्कि हत्या का मामला बता रहे हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की गुहार लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व थाना गोवर्धन क्षेत्र में नीरज अग्रवाल पर जानलेवा हमला हुआ था जिसमें वे बाल-बाल बचे थे और मामले में नामजदों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। नीरज अग्रवाल के पास से मिले एक नोट की जांच फॉरेंसिक टीम कर रही है। नोट में क्या लिखा है यह एक पहेली बना हुआ है जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।

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ये था मामला

गौरतलब है कि आरएस बुलियन में पार्टनर रहे नीरज अग्रवाल पर नोटबन्दी के बाद सैकड़ों करोड़ की ब्लैकमनी को व्हाइट करने का आरोप लगा था। दरअसल जिस आरएस बुलियन का टर्नओवर मात्र कुछ करोड़ रुपए था नोटबन्दी के बाद अचानक उसका टर्नओवर सैकड़ों करोड़ का हो गया। इस मामले में रतनकुंड निवासी नीरज कुमार ने नीरज अग्रवाल पर फर्जी बिलों से ब्लैक मनी को व्हाइट करने का आरोप लगाते हुए नीरज अग्रवाल उनके साले अमित और 7-8 अन्य लोगों का जिक्र करते हुए शहर कोतवाली क्षेत्र में 12 मार्च 2018 को एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं जून 2018 में मनीष चतुर्वेदी और आशीष अरोड़ा ने आईजीआरएस में नीरज अग्रवाल के खिलाफ शिकायत की थी। वाणिज्यकर विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के बाद नीरज अग्रवाल पर करीब साढ़े 18 करोड़ का अर्थदंड लगाया था। इस कार्रवाई के खिलाफ नीरज अग्रवाल ने भी अपील की थी। इस मामले में आयकर विभाग की टीम ने भी नीरज अग्रवाल के प्रतिष्ठान और घर के अलावा रिश्तेदारों के यहां भी सर्वे किया था और इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला। बताया गया है कि इसी दरम्यान करीब डेढ़ साल पहले गोवर्धन थाना क्षेत्र में नीरज अग्रवाल पर जानलेवा हमला भी हुआ था। हमलावरों ने नीरज अग्रवाल पर फायरिंग की थी जिसमें वो बाल बाल बचे थे। इस सम्बन्ध में थाना गोवर्धन में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि मनीष चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, आशीष अरोड़ा और नीरज कुमार यही लोग हैं जिन्होंने नीरज अग्रवाल पर करोड़ों की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।

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इन लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर

इस मामले में मृतक के साले अमित अग्रवाल ने मनीष चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, आशीष अरोड़ा और नीरज कुमार पर अज्ञात साथियों के साथ मिलकर अपने बहनोई नीरज अग्रवाल, बहन नेहा, भांजी धन्या की गोलीमार कर हत्या कर देने और भांजे शौर्य को गोली मारकर घायल कर देने का आरोप लगाते हुए थाना जमुनापार में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना प्रभारी रजित वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

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ये बोले एसपी सिटी

वहीं नीरज अग्रवाल ने आत्महत्या की या उसकी हत्या हुई यह एक पहेली बना हुआ है। मामले की जानकारी फोन पर देते हुए एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा ने बताया एक नोट मिला है जिसे पढ़ा गया तो उसमें कुछ समझ नहीं आया फॉरेंसिक जांच के लिए उसे भेजा गया है। उस नोट में क्या लिखा है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

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अमित शर्मा
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