जानिए, दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर की क्या हैं खासियत

700 करोड़ की लागत से बन रहे सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर की खासियत जान कर आप दंग रह जाएंगे।

मथुरा। धर्म नगरी में दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बन रहा है। इस मंदिर का नाम चंद्रोदय मंदिर है। यह मंदिर ऊंचाई के मामले में तो रिकॉर्ड बनाएगा ही साथ ही हाईटेक भी होगा। 700 फीट ऊंचे मंदिर में 70 मंजिलें होंगी साथ ही हाईस्पीड लिफ्ट भी होगी। इस खास मंदिर की डिजाइन अमेरिका के इंजीनयरों की मदद से तैयार की गई है।

2022 में होगा पूरा
चंद्रोदय मंदिर इस्कॉन सोसाइटी के द्वारा बनवाया जा रहा है। 2014 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, यूपी के राज्यपाल राम नाईक और सीएम अखिलेश की मौजूदगी में इस मंदिर की नींव रखी गई थी। मंदिर की स्ट्रक्चरल डिजाइनिंग इस्कॉन सोसाइटी ने अमेरिका की स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग कंपनी थॉर्नटन टोमासेटी से कराई है। मंदिर के निर्माण का जिम्मा गुड़गांव और नोएडा कंपनी को सौंपा गया है। मंदिर की नींव 55 मीटर जमीन में गहरी होगी और इसका बेस 12 मीटर ऊंचा होगा। इसका निर्माण संभावित तौर पर 2022 में पूरा होगा।

Chandrodaya Temple

भूकंपरोधी होगी इमारत
खास बात यह है कि सबसे ऊंची इमारत होने के बावजूद यह भूकंपरोधी भी होगी। मंदिर में एक कल्‍चरल सेंटर के साथ ही थीम पार्क भी होगा। श्रीकृष्ण को समर्पित यह मंदिर तीस एकड़ जमीन में होगा। मंदिर के आस पास हरियाली का खास ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर चारों तरफ से जंगल से कवर्ड रहेगा। कुल मिलाकर 12 वन होंगे जिनमें खजूर के वन, वट वृक्ष वन, तुलसी का वन और निधिवन आदि होंगे।

Chandrodaya Mandir

700 करोड़ की आएगी लागत
इतने बड़े मंदिर को देखने के लिए देश विदेश से बड़ी संख्या में भक्त आएंगे। इसके ध्य़ान में रखते हुए पार्किंग भी समुचित ऴ्यवस्था की गई है। मंदिर के लिए इतनी बड़ी पार्किंग बन रही है जिसमें 4500 कारें खड़ी हो सकेंगी। इस्कॉन से जुड़े लोगों के मुताबिक मंदिर का निर्माण 700 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। 
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अमित शर्मा
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