Yamuna Expressway पर टला बड़ा हादसा, डिवाइडर पर झूलती रही बस, जिदंगी की मन्नत मांगते रहे यात्री

Yamuna Expressway पर टला बड़ा हादसा, डिवाइडर पर झूलती रही बस, जिदंगी की मन्नत मांगते रहे यात्री
Yamuna Expressway पर टला बड़ा हादसा, डिवाइडर पर झूलती रही बस, जिदंगी की मन्नत मांगते रहे यात्री

Amit Sharma | Updated: 16 Sep 2019, 07:51:53 PM (IST) Mathura, Mathura, Uttar Pradesh, India

-यमुनाएक्सप्रेस-वे पर लगातार दूसरे दिन फिर टूटा झपकी का कहर
-दस यात्री हुई घायल, डिवाइडर पर जा चढ़ी बस नीचे गिरतीं तो जातीं कई जानें
-बस में सवार थे चालीस यात्री, गभीर घायलों को नयति मेडसिटी में कराया गया भर्ती

मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर लगातार दूसरे दिन झपकी का कहर टूटा। सोमवार की अलसुबह दो हादसों पर तीन लोगों की जान चली गई थी जबकि डेढ दर्जन यात्री घायल हुए थे। इनमें से 5 की हालत गंभीर थी। लगातार दूसरे दिन यानी मंगलवार की अलसुबह एक और हादसा हो गया। यह हादसा भी ड्राइवर की गलती से ही हुआ। अनियंत्रित बस डिवाइडर पर चढ़ गई। हादसा इतना भीषण था कि बस डिवाइडर पर झूलती रही यात्री जिंदगी के लिए भगवान से मन्नत मांगते रहे। अगर बस डिवाइडर से नीची गिरती तो कई जानें जा सकती थी।

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सोमवार सुबह प्राइवेट बस आगरा से नोएडा की ओर जा रही थी। सुबह का वक्त होने के कारण सभी सवारियां नींद के आगोश में थीं। मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र में माइल स्टोन 125 के समीप सुबह करीब पांच बजे चालक को झपकी लग गई। इससे बेकाबू होने पर बस डिवाइडर से टकराकर अंडरपास पुल में लटक गई।

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हादसे के चलते बस में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने जैसे ही हादसा होते देखा फौरन मदद के लिए दौड़। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्घ्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल संजीव सहित तीन लोगों को नयति अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य घायलों को अन्य अस्पतालों में भेजा गया है। संजीव की हालत चिंताजनक बताई गई।

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इस साल 77 की गई जान
साढ़े नौ माह में 77 लोगों को यही एक्सप्रेस वे निगल चुका है। अनियंत्रित गति, झपकी, मार्ग किनारे खड़े वाहन, जंगली जानवरों की उछल-कूद और टायरों के फटने के कारण ही अब तक हादसों की वजह सामने आई है। बलदेव, महावन, राया, सुरीर और नौहझील पुलिस के रिकार्ड में भी यही कारण दर्ज है। यमुना एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण भी हर घटना के बाद सुरक्षा के उपाय करने का दावा करता चला आ रहा है, पर होता कुछ नहीं है। 19 पफरवरी को बल्देव क्षेत्र में हुए हादसे में आठ लोगों की जान चली गई थी। दस जून को सुरीर क्षेत्र में हादसे में 5 लोगों को जान से हाथा धोना पड़ा था।

ये लोग हुए घायल
1. विजेंद्र सिंह बेदी पुत्र प्रेम सिंह
2. गुरमीत पुत्र विजेंद्र सिंह बेदी
3. हरमिंदर पुत्र विजेंद्र सिंह बेदी
4. शारदा पत्नी रमेश
5. ओम प्रकाश पत्नी सामू
6. छोटू पुत्र जगदीश
7. संजीव पुत्र जगदीश
8. बिपाशा पुत्री विजेन्द्र सिंह बेदी
9. रवि सारस्वत पुत्र वेद प्रकाश
10. बस चालक सतीश कुमार पुत्र निरी सिंह

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