ब्रज में जय-जयकार, अब तो आजा पालनहार

दूध, दही, घी, बूरा, शहद आदि पंचगव्यों से श्रीविग्रह का अभिषेक किया जाएगा। जन्म महाभिषेक का कार्यक्रम रात्रि 12.15 से 12.35 तक चलेगा।

- 12:40 से 12:50 तक श्रृंगार आरती के दर्शन होंगे।

By: अमित शर्मा

Published: 03 Sep 2018, 09:09 PM IST

मथुरा। भगवान श्री कृष्ण के जन्म के दर्शनों के लिए बड़ी तादात में श्रद्धालु मथुरा पहुंच चुके हैं। कान्हा के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ जन्मभूमि पर उमड़ी है। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से पुलिस एवं पीएसी के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं। इसके अलावा खुफिया एजेन्सियां भी हर गतिविधि पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।

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शहर की मिश्रित आबादी और होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं मेें पुलिस एवं खुफिया एजेन्सियों के अधिकारी निगरानी रखे हुए हैं। विश्व विख्यात मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आज जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। अजन्मे के जन्म का साक्षी बनने देश के विभिन्न प्रान्तों से आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से कान्हा की नगरी में पहरा कड़ा कर दिया है।

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सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार की मध्य रात्रि को ‘बालकृष्ण‘ श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित कंस के कारागार जन्म लेंगे। लीला पुरुषोत्तम योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मन्दिर प्रशासन ने भी सारी व्यवस्थाए पूर्ण कर ली हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार ठाकुरजी के जन्म महाभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात्रि 11 बजे से श्री गणेश-नवग्रह पूजन के साथ प्रारम्भ होगा। रात्रि 12 बजे प्राकट्य के साथ ही सम्पूर्ण मन्दिर में ढोल-नगाड़े,झांझ-मजीरे एवं मृदंग एवं हरिबोल की करतल ध्वनि से गुंजायमान होने के साथ ही महाआरती होगी जो रात्रि 12.10 बजे तक चली। इसके बाद केसर आदि सुगन्धित पदार्थों में लिपटे हुए भगवान श्रीकृष्ण के चल विग्रह भागवत भवन स्थित अभिषेक स्थल पर पधारेंगे। जहां दूध, दही, घी, बूरा, शहद आदि पंचगव्यों से श्रीविग्रह का अभिषेक किया जाएगा। जन्म महाभिषेक का कार्यक्रम रात्रि 12.15 से 12.35 तक चलेगा। उसके बाद 12:40 से 12:50 तक श्रृंगार आरती के दर्शन होंगे। जन्म के दर्शन रात्रि 1:30 बजे तक खुले रहेंगे जिससे कि श्रद्धालु आनन्द से अपने आराध्य के दर्शन कर सकें।

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अमित शर्मा
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