देवकीनंदन महाराज पर एससी-एसटी उत्पीड़न का आरोप निकला झूठा

भागवत वक्ता देवकीनंदन महाराज पर पिछले दिनों लगाये गये एससी-एसटी उत्पीड़न के आरोप जांच में झूठे पाये गये।

By: Mahendra Pratap

Published: 07 Mar 2020, 08:03 PM IST

मथुरा. भागवत वक्ता देवकीनंदन महाराज पर पिछले दिनों लगाये गये एससी-एसटी उत्पीड़न के आरोप जांच में झूठे पाये गये। मामले की विवेचना में देवकीनंदन और उनके दो भाईयों विजय शर्मा, श्याम सुन्दर शर्मा को उनकी मोबाईल लोकेशन, सीसी टीवी फुटेज, काॅल डिटेल और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर क्लीन चिट दे दी गयी है।

राधावैली निवासी पुष्पेन्द्र कुमार (पी.के.) आर्य और उनकी पत्नी नम्रता ने 27 फरवरी को थाना हाईवे में दर्ज रिर्पोट में आरोप लगाया था कि देवकीनंदन, विजय और श्यामसुन्दर शर्मा तीनों भाई 24-25 फरवरी की रात्रि 1 बजे उनके निवास पर गए और मारपीट करते हुए छेड़छाड़ की। इसमें दलित उत्पीड़न और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

मामले की विवेचना कर रहे सीओ रिफायनरी वरूण कुमार सिंह ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि देवकीनंदन और उनके भाईयों की मोबाइल लोकेशन निकाली गयी और उनके निवास पर लगे सीसी टीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी गयी। जिसमें घटना के समय पर उनकी उपस्थिति उनके निवास पर पायी गयी। वहीं घटनास्थल राधावैली में लगे सीसी टीवी फुटेज भी खंगाले गए। काॅलोनी गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्डस की गवाही भी दर्ज की गयी। विवेचना में आरोप निराधार पाये गये।

विश्व शांति सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट के सचिव विजय शर्मा ने कहा कि देवकीनंदन महाराज की छवि खराब करने के लिए यह फर्जी मुकदमा लिखवाया गया था। उक्त मामले में पी.के.आर्य और उसकी पत्नी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और चौथ वसूली का मुकदमा वृन्दावन थाने में लिखवाया गया है।

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