FIR न लिखना पड़ा महंगा, दारोगा पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

कोर्ट ने अपने एक अनूठे फैसले से उन पुलिसकर्मियों को कड़ा संदेश दिया है, जो दुष्कर्म के मामलों में लापरवाही बरतते हैं।

By: मुकेश कुमार

Published: 09 Jul 2016, 07:44 PM IST

मथुरा। कोर्ट का एक अनूठा फैसला उन पुलिसकर्मियों के लिए कड़ा संदेश बना गया, जो दुष्कर्म के मामलों में लापरवाही बरतते हैं। मथुरा अपर सत्र न्यायाधीश (नवम) के आदेश पर मथुरा पुलिस ने शनिवार को एफआईआर न लिखने वाले पुलिसकर्मी और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोर्ट ने सुनाया था सख्त आदेश

कृष्णा नगर इलाके के चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक विनोद कुमार पर नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन शोषण अपराध की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप है। यह मामला जब कोर्ट तक पहुंचा तो जज ने नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस को दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मी पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया। कोर्ट का कहना था कि पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों की तरफ से लापरवाही की जा रही है। यही नहीं इंस्पेक्टर कोतवाली को आदेश दिया कि वो 13 जुलाई को विवेचना का पहला पर्चा काटकर अदालत में दाखिल करें। कोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है मामला

यह मामला विगत तीन अप्रैल का है। कृष्णानगर की एक महिला पुलिस चौकी पर अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के प्रयास की फरियाद लेकर पहुंची थी। पुलिस ने महिला की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। कई दिनों तक थाने के चक्कर काटने के बाद भी पुलिस ने एफआइआर नहीं लिखी तो पीडि़त महिला ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगायी। कोर्ट ने जब चौकी इंचार्ज को तलब किया तो आनन-फानन में तीन जुलाई को एफआईआर दर्ज कर ली गयी। जिसके बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

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मुकेश कुमार
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