श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला, कोर्ट ने खारिज की पक्षकार बनने की सभी 8 याचिकाएं

- 6 लोगों ने श्रीकृष्ण विराजमान के भक्त होने के नाते दायर की थीं याचिकाएं

By: Neeraj Patel

Published: 30 Jan 2021, 06:09 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मथुरा. मथुरा जिला अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में पक्षकार बनाये जाने के अनुरोध को लेकर दाखिल की गईं सभी आठ याचिकाएं खारिज कर दीं। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया, पिछले साल लखनऊ निवासी रंजना अग्निहोत्री समेत छह लोगों ने श्रीकृष्ण विराजमान के भक्त होने के नाते मथुरा अदालत में ये याचिकाएं दायर की थी।

इन सभी का दावा था कि वर्ष 1967 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान एवं शाही ईदगाह प्रबंधन समिति के बीच हुआ समझौता गैर कानूनी है। अदालत अब इस मामले में 22 मार्च को सुनवाई करेगी। अदालत उसी दिन मामले की वैधानिकता के सवाल पर भी विचार करेगी क्योंकि प्रतिवादी शाही ईदगाह प्रबंधन समिति के सचिव तनवीर अहमद की ओर से पिछली सुनवाई के दौरान आपत्ति दर्ज कराई गई थी।

कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को भूमि वापस करने की मांग
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह के मामले में बीते साल स्वयं को हिंदू आर्मी का प्रमुख बताने वाले मनीष यादव ने भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताते हुए अदालत में दावा पेश किया था। जिसमें उन्होंने 1967 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की जमीन को लेकर शाही ईदगाह के साथ हुए समझौते के न्यायिक निर्णय को रद्द कर ईदगाह को ध्वस्त करके उक्त जमीन कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को वापस करने की मांग की थी।

सचिव को पक्ष बनाया था
इससे पूर्व लखनऊ निवासी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री आदि आधा दर्जन भक्तों ने भगवान की ओर से याचिका दाखिल कर यही मांगें जनपद की अदालत में रखी थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही ईदगाह मैनेजमेंट कमेटी के सचिव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के प्रबंधक न्यासी तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को पक्ष बनाया था।

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