कान्हा की नगरी में नरभक्षी कुत्तों का आतंक, हाथों में डंडे लेकर स्कूल जा रहे बच्चे

कान्हा की नगरी में नरभक्षी कुत्तों का आतंक, हाथों में डंडे लेकर स्कूल जा रहे बच्चे
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suchita mishra | Publish: May, 17 2019 10:04:13 AM (IST) Mathura, Mathura, Uttar Pradesh, India

-सात साल की बच्ची को जिंदा चबा जाने की घटना के बाद पूरे जनपद में भय का माहौल
-हर महीने करीब सात हजार लोगों को काट रहे कुत्ते, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

 

मथुरा। गांवों में आवारा कुत्ते नरभक्षी हो रहे हैं। कुत्ते इंसानों को काट रहे हैं। हर महीने करीब सात हजार लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। इनमें से औसतन 3-3 हजार कुत्ता काटे के मरीज जिला चिकित्सालय और वृंदावन सौ सैया अस्पताल में पहुंच रहे हैं। बाकी के मरीज सीएचसी पर इलाज करा रहे हैं।

200 मरीज रोज आ रहे
वेटरिनरी विश्वविद्यालय में मेडिसन विभाग के प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार श्रीवास्तव का मानना है कि भूख, प्यास और तेज गर्मी से कुत्ता चिड़चिड़े और हमलावर हो रहे हैं। पालतू कुत्तों का वैक्सीनेशन भी होता है। कुत्तों को दर्जनों बीमारियां होती हैं। आवारा कुत्तों का कभी वैक्सीनेशन नहीं होता है। दूसरी ओर जिला चिकित्सायल में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज इस तरह के आते हैं। चीफ फार्मासिस्ट जिला चिकित्सालय शिवराज सिंह ने बताया कि इनमें से अधिकांश कुत्ता काटे के मरीज होते हैं। जिला चिकित्सालय में रैबीज के इंजेक्शनों की कमी थी। अब उलपब्धता है।

बच्चा को खा गए थे कुत्ते
सोमवार को बरसाना में आठ साल की बच्ची देवकी को जंगली कुत्तों ने नोंच-नोंच कर मार डाला था। पिसावा निवासी भूप सिंह की पुत्री देवकी (8) को खूंखार कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया था। सोमवार सुबह 7.30 बजे अपने पिता को कलेवा देने खेत पर गई थी। रास्ते में उस पर जंगली कुत्तों ने हमला बोल दिया था। इस मामले को लेकर उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी छाता मनोज कुमार, पशु चिकित्साधिकारी लाडपुर धर्मेंद्र कठेरिया, नंदगांव कानूनगो राजेश गुप्ता, लेखपाल कन्हैया चैधरी घटना की जांच को पिसावा पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से खूंखार कुत्तों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ते मांसाहारी हो गये हैं। वह लोगों पर हमलावर हैं, इसके पीछे ग्रामीणों का तर्क है कि चील और गिद्ध के खत्म हो जाने से मृत पशुओं को कुत्ते ही खाते हैं। इससे उनके मुंह मांस लग रहा है और लोगों पर हमला कर रहे हैं। वन विभाग से कोई अधिकारी अभी तक गांव में नहीं आया है।

ग्रामीण चिन्तित
पिसावा गांव में हुई घटना के बाद लोधौली, करेहला, रहेड़ा, सांखी, अजनौंख, खायरा, गाजीपुर, संकेत, चिकसौली आदि गांवों में भी ग्रामीण चिंतित हैं। लोधौली निवासी शंकर ने बताया कि देवकी की मौत से पूरे गांव में शोक है। रहेड़ा निवासी रामकिशन का कहना है कि वे अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। गाजीपुर के प्रधान भरती सिंह और करेहला प्रधान गुपाल शर्मा का कहना है कि ग्रामीण अपने बच्चों को सावधानी से स्कूल भेजें।

पुलिस की सलाह
पुलिस अधीक्षक (एसपी) क्राइम अशोक कुमार मीणा ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से बच्चों को अकेला न छोड़ने की अपील की है। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।

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