World hyper tension day: ठीक से जिन्दा रहना है तो इन तीन चीजों से करें परहेज

World hyper tension day: ठीक से जिन्दा रहना है तो इन तीन चीजों से करें परहेज

Amit Sharma | Publish: May, 17 2019 07:21:16 PM (IST) Mathura, Mathura, Uttar Pradesh, India

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ मुकेश कुमार वत्स ने कहा- ज्यादातर बच्चे और युवा हाइपर टेंशन बीमारी की चपेट में आ रहे।

आगरा। ज्यादातर बच्चे और युवा हाइपर टेंशन बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को रोजाना आधा घंटे तक व्यायाम करना चाहिये या फिर दो किलोमीटर तक तेज चाल से चलना चाहिए। भौतिकता की तरफ भागना भी तनाव का मुख्य कारण है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ मुकेश कुमार वत्स का। वे वर्ल्ड हाइपर टेंशन डे पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाना होगा।

क्या करें
डॉ. पीके शर्मा ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए एक व्यक्ति को दिन में मात्र 5 ग्राम नमक और 15 ग्राम चीनी का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले संचारी रोग के मामले ज्यादा आते थे, पर आज गैरसंचारी रोगों के मामले ज्यादा हो गये हैं। 100 में से 60 मौतें गैर संचारी रोग के कारण हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति नमक, चीनी और मैदा जैसी चीजों से परहेज कर ले तो उसको काफी हद तक बीमारियों से छुटकारा मिलसकता है। लोगों को टेंशन लेने की जगह खुश रहने की जरूरत है।

आहार और विचार अच्छे हों
डॉ. यूके त्रिपाठी ने कहा कि व्यक्ति के आहार और विचार अच्छे होंगे तो उसे तमाम तरह की बीमारियों से ऐसे ही छुटकारा मिल जायेगा। व्यक्ति को अपने स्वाद के अनुसार खाना चाहिए पर पचाने के लिए शरीर से उतना ही परिश्रम भी जरूर करना चाहिए। व्यस्त रहेंगे तो स्वस्थ रहेंगे। डॉ. रचना ने कहा कि लोगों को पाजीटिव सोच रखनी चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रमाकान्त ने कहा कि सुबह-सुबह व्यायाम अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। जो लोग सुबह एक से दो किलोमीटर तक तेज कदम से चलते है, वह काफी बीमारियों की चपेट से दूर रहते हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अशोक मिश्र, डॉ. अशिमा भटनागर सहित काफी लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनपीसीडीएसीएस के तहत किया गया।
ये लक्षण होने पर तत्काल डाक्टर से करें सम्पर्क
- तेज सिरदर्द
- सीने में दर्द या भारीपन
- चक्कर आना
- सांस लेने में परेशानी
- चेहरे, बांह या पैर में अचानक सुन्न या झुनझुनी आना
- अचानक घबराहट, समझने बोलने में कठिनाई
- किसी चीज को निगलने में कठिनाई

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned