लापरवाही: कन्या सुमंगला योजना में 2500 आवेदन लंबित

शासन नही दे रहा ध्यान, योजना का लाभ पाना हुआ सपना

मऊ. यूपी में कन्या सुमंगला योजना को लागू करने में राज्य सरकार भले ही गंभीर है, परंतु प्रशासन से जुड़े अफसर अभी भी इसकी तरफ आंख मुंदे हुए है। केंद्र सरकार की कन्या सुमंगल योजना ऐसी योजना है जो आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। ऐसी जनकल्याणकारी योजना को जहां शत-प्रतिशत लागू करने जरूरत है, वही इस योजना को महज कागजों में सीमित करने का प्रयास किया जा रहा हैं। अफसरों की लापरवाही की वजह से अभी तक 2500 आवेदन लंबित हैं। इस मामले को जेडी महिला कल्याण विभाग ने गंभीरता से लिया है और इसे तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया है।

बतादें की जनपद को कुल 22000 आवेदन का लक्ष्य शासन की तरफ से निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां मात्र 8500 आवेदन किए गए हैं। इसमें से भी 2500 आवेदन लंबित हैं। विभाग की मानें तो ब्लाक व तहसील स्तर पर तमाम मामले लंबित पड़े हुए हैं। कन्या सुमंगला योजना से लड़कियों की उच्च शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य एवं भविष्य का निर्माण करना है। कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर उसकी शादी तक छह चरण में सरकार आर्थिक मदद दे रही है।

इससे प्रदेश में बाल विवाह जैसी कुप्रथा का भी अंत होना हैं। सबसे पहले बच्ची के जन्म के समय 2000 रुपये, एक साल का टीकाकरण होने के बाद 1000 रुपये, पहली कक्षा में प्रवेश को 2000 रुपये दिए जाने हैं। इसके अलावा छठवीं में प्रवेश के बाद 2000 रुपये, नौवीं में प्रवेश के बाद 3000 रुपये, स्नातक या दो साल का कोई डिप्लोमा कोर्स करने पर 5000 रुपये प्रदान किया जाना है। यानी कुल 15 हजार रुपये देना हैं। इन चरणों में सरकार लड़की के नाम पर पैसा उसके बैंक अकाउंट में जमा करेगी।

Ashish Shukla Desk
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