वोटर लिस्ट मेंं आज भी जिंदा हैं कई मृतक, नेताओं की बढ़ी टेंशन

मऊ जिले के कोपागंज की मतदाता सूची में दर्ज हैं दर्जनों मृतकों के नाम, हर कोई मान रहा अपना वोटर, एसडीएम बोले : बीएलओ बताएं तो करा देंगे विलोपन

By: Ashish Shukla

Published: 10 Nov 2017, 06:39 PM IST

मऊ. निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारी कितनी संजीदगी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं, जनपद के नगर निकाय चुनाव के लिये प्रकाशित मतदाता सूची काेे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। कई मृतक मतदाता सूची में आज भी जिंदा हैं, जिससे नेताओं की चिंता बढ़ गई है। हर कोई इन्हें अपना वोटर मान रहा है। ऐसेे में मिलने की कोशिश के दौरान सच हर किसी को हैरान कर रहा है।

नगर पंचायत कोपागंज मेें हाकिमपुरा मुहल्ले के एक दर्जन से अधिक मृतकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। जबकि जो नागरिक मतदान में दिलचस्पी दिखा सूची में नाम दर्ज कराने को परेशान थे, उनके नाम दर्ज नहीं हुए।स्थानीय नागरिकों रामकेवल निषाद एवं अफजल ने बीएलओ की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसे कई लोगों का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, जिनकी वर्षों पूर्व मृत्यु हो चुकी है। लोगों ने कई मतदाताओं का नाम बगैर किसी आधार के सूची से विलोपित कर दिये जाने पर भी नाराजगी जताई व कहा कि बीएलओ कहीं गये ही नहीं। एक स्थान पर बैठकर ही संशोधन कर दिया। लोग कह रहे हैं कि यहाँ तो इस बार मृतक व्यक्ति ही मतदान करेंगे।


कम पड़ेंगे वोट या होगी धांधली
मृतकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने एवं जीवितों को मताधिकार से वंचित किये जाने के केवल दो ही संभावित परिणाम हैं। या तो वोट प्रतिशत में गिरावट आएगी, अन्यथा फर्जी मतदान होगा। बूथ पर मतदान के दौरान शांतिभंग की आशंका भी रहेगी। जनता इसके लिये पूरी तरह से बीएलओ को ही जिम्मेदार बता रही है।


एसडीएम से भी की शिकायत
क्षेत्रीय नागरिकों ने इसकी शिकायत एसडीएम सदर से भी की। लेकिन वह गलती स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पूर्व हर स्तर पर जांच-पड़ताल की जाती है। कोई कमी न रहे, इसके लिये सूची प्रकाशित कर जनता से आपत्तियां भी मांगी जाती हैं। एसडीएम ने कहा कि फिर भी कोई खामी रह गई हो, तो बीएलओ के कहने पर नाम विलोपित कर दिये जाएंगे। गौरतलब है कि जनपद की नौ नगर निकाय सीटों के लिये नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। जिनपर सभी प्रमुख दलों के उम्मीदवार ताल ठोंक रहे हैं।

Ashish Shukla
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned