पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान को फेल कर रहे अधिकारी, लक्ष्य हासिल करने में नाकाम

जागरूक करने में कई संगठन भी लगे, पर उम्मीदों के मुताबिक नहीं मिल रहा परिणाम

By: Ashish Shukla

Published: 09 Dec 2017, 07:00 PM IST

मऊ. पीएम मोदी स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में यूपी की मऊ जिला फेल नजर आ रहा है। जहां पीएम का सपना 2018 तक पूरे देश को स्वच्छ भारत बनाने का है लेकिन उनके प्रशासनिक अधिकारियो में स्वच्छ भारत मिशन के लिए किए जा रहे प्रयास शिथिल है ।

जी हां जनपद मे कुल 1471 गांव है जिनको 2 अक्टूबर 2018 खुले में शौच से मुक्ति करने का संकल्प लिया गया है । जिस तरह से यह काम हो रहा है उसके तहत लगता नही है कि मऊ जिला अपने इस संकल्प को पूरा कर पायेगा। प्रथम चरण मे चयनित जनपद के कुल गांवो की संख्या 736 है जिनको 31 मार्च 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है । हांलाकि जनपद को खुले से शौच से मुक्ति करने के लिए केन्द्र सरकार की तरफ से भारी भरकम बजट भेजा गया है लेकिन इतने बड़े बजट के खर्च होने के बाद भी पीएम के सपनों पर पूरी तरह से सफल बनाने में फेल नजर आ रहे हैं ।

 

स्वच्छता अभियान के तहत जिले में अब तक कुल 51 गांवो को शौच से मुक्ति करने में जिला प्रशासन को सफलता हासिल हुआ है। इसके साथ कई गांवो को ओडीएफ से करने का प्रयास किया जा रहा है । इसके लिए जिला पंचायती राज विभाग की तरफ से पाँच सदस्यी टीम बनाया गया है जिनका प्रमुख काम है गाव में रुककर गांव वालों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाना।

 

गांव वालो को शौच से मुक्ति करने का काम किया जाना है । इसके साथ ही गांव में खुले में शौच करने से गांव की मर्यादा का भी हनन होता है । इन सब को देखते हुए गांव वालों में जागरुकता लाने का काम किया जाता है और जो लोग गरीब है उनके लिए शौचालय की व्यवस्था करने काम किया जा रहाहै ।

जनपद को शौच से मुक्ति ओडीएफ गांव बनाने के लिए अब तक 11 करोड.रुपये मिल चुके हैं।
हालांकि जनपद के 1471 गांवो में कुल 1 लाख 58 हजार 656 शौचालय बनाने के लक्ष्य निर्धारित किया गया है । गावो में जिनको भी शौचालय दिए जा रहे है उनके लिए एक मानक स्थापित किया गया है । इसके लिए जिला पंचायती राज विभाग की तरफ सर्वे सूची बनाया गया है जिसका वेस आधार 2012 में हुआ था । हालाकि इस वित्तिय वर्ष में कुल 7 हजार 896 शौचालय बनाये गये है । सात ही अब तक खुले मे शौच से मुक्ति के स्वक्छता का जो अभियान चलाया जा रहा है उसके तहत अब तक कुल 30 हजार शौचालय बनाये जाने का काम किया गया है ।

 

खुले में शौच व स्वक्छता का के प्रति जिला प्रशासन के साथ साथ जिला पंचायती राज विभाग की तरफ से गाव वालो को जागरुक करने के लिए प्रयास तो किए जा रहे है लेकिन गांवो में अभी भी शौचालयो की कमी है । साथ साफ सफाई और नाली खडन्जे की भी समस्या आ रही है जिसके तहत गांव वालों को परेशानी होती है । हालाकि इस दौरान गाव में कुछ ऐसे लोग भी जो लोगो का जागरुक करने का काम करते है और गांव को स्वक्छता का पाठ पढाने का काम करते है।

Ashish Shukla
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