लड़की का वीडियो बनाने से रोका तो छात्र ने शिक्षकों पर दर्ज कराया SC-ST का मुकदमा, अब बढ़ा विरोध

लड़की का वीडियो बनाने से रोका तो छात्र ने शिक्षकों पर दर्ज कराया SC-ST का मुकदमा, अब बढ़ा विरोध

Ashish Kumar Shukla | Publish: Sep, 10 2018 04:35:22 PM (IST) Mau, Uttar Pradesh, India

शिक्षक नेताओं ने दी चेतावनी, कहा नहीं माना प्रशासन तो प्रदेश भर में करेंगे प्रदर्शन

मऊ. कुछ दिनों से एससी/एसटी एक्ट को लेकर सरकार का जो विरोध हो रहा है उसमें कई नये मामलों की भी बड़ी भूमिका है। ऐसे मामले जो ये सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं कि आने वाले समय में अगर एससी/एसटी कानून का दुरूपयोग ऐसे ही होता रहा तो समाज में तनाव का माहौल बढ़ सकता है। ऐसा कहना है मऊ के एक इंटर कालेज के शिक्षकों का।

जी हां जिले के कोपागंज थाना क्षेत्र के बापू इंटर कालेज में शिक्षक नाराज हैं। इस नाराजगी में अब साथ मिल गया है शिक्षक नेताओं का इनका कहना है कि अब शिक्षकों के खिलाफ दर्ज कराये गये मामले पर प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कहा कि अगर 12 सितंबर तक मुकदमा वापस न लिया गया तो हम आंदोलन के लिए मजबूर होंगे

बतादें कि बीते 6 सितंबर को स्कूल में ही एक छात्र को शिक्षकों ने लड़की का वीडियो बनाते देख लिया। इस मामले को लेकर विरोध शुरू हो गया। मामला सूचना प्रधानाचार्य़ को दी गई। आरोपी छात्र को बुलवाने के लिए प्रिंसिपल ने दो कर्मचारियों को भेजा। लेकिन वीडियो बनाने वाले आरोपी छात्र ने शिक्षकों से लड़ाई कर लिया। शिक्षकों का आरोप है कि उसने मारपीट कर लिया। जबकि हम बस इतना ही समझाते रहे कि आगे से लड़कियों के साथ किसी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
नाराज छात्र वहां से निकलकर कोपागंज थाने चला गया। विद्यालय के दो कर्मचारियों के खिलाफ उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज करा दिया। जब इस बात की जानकारी प्रशासन को हुई तो खलबली मच गई। प्रशासन की तरफ से भी छात्र के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी गई।

मामले ने पकड़ा तूल

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इस बात की जानकारी शिक्षक संघ को दी। सोमवार को विद्यालय में शिक्षक संघ के नेताओं की बैठक हुई जिसमें फैसला लिया गया कि अगर पुलिस प्रशासन ने मामले में बिना सही तथ्य़ जाने किसी तरह की कार्रवाई की तो हमें प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वहीं इन शिक्षकों का कहना है कि आरोपी ने गलती भी किया और हमारे ऊपर मुकदमा भी लगा आखिर ये कैसा कानून है।

क्या कहता है विद्यालय का कर्मचारी

विद्यालय के कर्मचारी वीरेंद्र ने बताया कि लंच का समय था आरोपी छात्र लड़कियों के कमरे में घुस गया और वीडियो बनाने लगा। छात्राओं ने इस बात की जानकारी विद्यालय प्रशासन को दी। प्रिंसिपल साहब हमको और हमारे सहयोगी को बुलाएं और प्रकरण की जानकारी करने के लिए हमें वहां भेजें| वहां पर जाकर जब हम लोगों ने लड़के से पूछताछ की तो वह हम लोगों के साथ बदतमीजी करने लगा |हम लोगों के पकड़ने पर वह मारपीट करने लगा बाद में यहां आकर माफी मांगा| उसके बाद प्रिंसिपल साहब ने उसको छोड़ दिया। लेकिन दूसरे दिन थाने में जाकर हम लोगों के खिलाफ एफआईआर कर दिया| हम चाहते हैं कि विद्यालय का वातावरण शांतिपूर्ण रहें और बच्चियां सुरक्षित होकर यहां पढ़ाई करें।

Ad Block is Banned