परीक्षा से किया वंचित तो आक्रोशित उर्दू शिक्षकों ने किया हंगामा

उर्दू शिक्षकों ने शिक्षा विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन कर नियुक्ति परीक्षा को निरस्त करने की मांग की

By: Akhilesh Tripathi

Updated: 29 Mar 2019, 03:49 PM IST

मऊ. उर्दू शिक्षकों ने अपने साथ हो रहे भेदभाव के विरोध में जमकर हंगामा किया। उर्दू शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की तरफ से बीटीसी उर्दू शिक्षकों के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया गया। उन्हें नियुक्ति के लिए होने वाली परीक्षा से वंचित किया गया ।

जिले में प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकारी विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम करने का फैसला लिया गया। इन विद्यालयों में अस्थाई पदों पर नियुक्ति करने के लिए विज्ञप्ति जारी किया गया, लेकिन मऊ जिले में बीटीसी उर्दू शिक्षकों के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया गया। उन्हें नियुक्ति के लिए होने वाली परीक्षा से वंचित किया गया। जिससे बीटीसी उर्दू शिक्षकों में खासा आक्रोश है ।

उर्दू शिक्षकों ने शिक्षा विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन कर नियुक्ति परीक्षा को निरस्त कर फिर से कराए जाने की मांग उठाते हुए बीटीसी उर्दू शिक्षकों को भी शामिल करने की मांग को उठाया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम परिषदीय विद्यालयों में अस्थाई पदों पर नियुक्ति हेतु जारी विज्ञप्ति के क्रम में खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा संस्तुति उपरांत आवेदन किया गया था, लेकिन परीक्षा के 1 दिन पूर्व जब प्रवेश पत्र हेतु खंड शिक्षा अधिकारियों से संपर्क किया गया तो आवेदकों को यह कहा गया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीटीसी उर्दू योग्यता रखने वालों को प्रवेश पत्र जारी करने से मना किया है जिसके बाद उर्दू शिक्षक परीक्षा में भाग लेने से वंचित रह गए। मामले से नाराज उर्दू शिक्षकों ने शिक्षा विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया साथ ही मांग उठाया की हम लोगों को भी परीक्षा में सम्मिलित करते हुए पुनः सामूहिक परीक्षा संपन्न कराई जाए जिससे पारदर्शी और सुचिता बरकरार रहे और हम उर्दू शिक्षक के संग न्याय हो सके।

 

BY- VIJAY MISHRA

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