भाजपा सरकार में भी उम्मीदों पर फिरा पानी, गौशालाओं को सीएम योगी ने भी नहीं दिया फंड

Ashish Kumar Shukla

Updated: 23 Jul 2018, 10:15:01 PM (IST)

Mau, Uttar Pradesh, India

मऊ. जिले में रजस्टर्ड गौशाला प्रबंधकों को सूबे की भाजपा सरकार से उम्मीद थी कि सत्ता में आने के बाद गायों के लिए सरकार बेहतर फंड देगी ताकि गौ सेवा करने में मदद मिल सकेगी। लेकिन सरकार बनने के 15 महीनों के बाद भी इन गौशालाओं को सरकार ने फंड नहीं दिया जिससे इनके मन में सरकार से निराशा है। इनका कहना है कि पहले की ही सरकारों की तरह इस बार भी भाजपा की योगी सरकार ने गौ सेवा के लिए बेहतर कदम नहीं उठाया ।

जी हां हम बात कर मऊ जिले की इस जिले में सरकारी दस्तावेजों में दो गौशाला रजिस्टर्ड हैं। एक गोपाल गौशाला, जो कोतवाली थाना क्षेत्र के दसई पोखरा के पास स्थित है और दशकों पुराना गोशाला है। दूसरे गौशाला का नाम है पशुपति नाथ गोशाला जो मोहम्मदाबाद इलाके के छपरा गांव में स्थित है। दोनों गौशाला के प्रबंधकों को कहना है कि सरकार ने फंड नहीं दिया जिससे अब गायें भुखमरी की कगार पर हैं।

गोपाल गौशाला के प्रबंधक बाबुलाल अग्रवाल कहते हैं कि यदि सरकारी सहयोग मिले तो गायों को भरपेट चारा मुहैया कराया जा सकेगा। वहीं गौशाला में गायों की देख-रेख करने वाले गणेश शर्मा ने बताया कि सरकार कि तरफ से कोई सहायता नहीं मिलने से गायों की देखभाल ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है। वो सालों से लोगों से चंदा मांगकर गायों की देख-रेख कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सरकार को इस पर विचार करके गौशाला के लिए बेहतर फंड का प्रबंध करना चाहिए। ताकि हम गौ माता की सेवा कर सकें। बतादें की दोनों गौशालाओं में कुल 100 गायें है जिनका पालन कर पाने में पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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