बागपत के इस खिलाड़ी ने जीता गोल्ड, गर्व से सिर हुआ ऊंचा

बागपत के इस खिलाड़ी ने जीता गोल्ड, गर्व से सिर हुआ ऊंचा

Iftekhar Ahmed | Publish: Sep, 08 2018 08:39:11 PM (IST) Baghpat, Uttar Pradesh, India

शहर में पहुंचने पर लोगों ने किया जोरदार स्वागत

बागपत. लखनऊ में आयोजित बेस्ट स्कूल सब जूनियर एथलीट प्रतियोगिता में नगर के खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल जीतकर नगर का नाम रोशन किया। शहर में पहुंचने पर गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। लखनऊ में रिलायंस ग्रुप द्वारा बेस्ट स्कूल सब जूनियर एथलीट प्रतियोगिता का आयोजन छह सितंबर को किया गया था, जिसमें प्रदेश के सभी जनपदों के एथलीटों ने बढ़चढ़कर भाग लिया था। इनमें नगर निवासी एथलीट शिवम यादव पुत्र संजय यादव ने भी भाग लिया था। उसने रिले रेश में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वहीं 400 मीटर की दौड़ में द्वितीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक प्राप्त किया। 200 मीटर की दौड़ में द्वितीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक प्राप्त किया। प्रतियोगिता में रिलायंस ग्रुप द्वारा उसके अच्छा प्रदर्शन करने पर उसे बेस्ट एथलीट की ट्रॉफी और 25 हजार का चेक देकर सम्मानित किया गया। उसके शनिवार को शहर में पहुंचने पर उसका भव्य स्वागत किया गया। वहीं, उसके अच्छा प्रदर्शन करने पर भी नगर के खिलाड़ियों में खुशी का माहौल बना हुआ है।

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एशियन गेम्स में भी पश्चिम उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने दिखाया था दम

हाल ही में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में भी पश्चिम उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपना लोगा मनवाया था। 18वें एशियाई खेलों में मुजफ्फरनगर की दिब्या काकरान ने भारत के लिए कुश्ती में कांस्य पदक जीता था। दिब्या महिलाओं के 68 किग्रा भार वर्ग में चीनी ताइपे की चेन वेनलिंग को हराकर कांस्य पदक अपनी झोली में डाला था। इसके अलावा मेरठ के सौरभ चौधरी ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जूनियर 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा मेरठ के ही रहने वाले 15 वर्षीय शार्दुल विहान ने डबल ट्रैप शूटिंग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। मेरठ के रहने वाले शार्दुल अपनी शूटिंग की प्रैक्टिस दिल्ली में करते हैं। इसके लिए उन्हें रोजाना दिल्ली से मेरठ और मेरठ से दिल्ली (करीब 240 किलोमीटर) का सफर तय करना पड़ता है। बताया जाता है कि शार्दुल रोजाना सुबह 4 बजे अपनी दिनचर्या की शुरुआत करते हैं। शार्दुल की इस सफलता में उनके कोच, चहेते अंकल और उनके ड्राइवर का रोल भी अहम है। ये तीनों बीते 3 सालों से उनकी शूटिंग प्रैक्टिस में कदम-कदम पर साथ देते हैं।

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