स्कूली बच्चे बोले, चाचा नेहरू सितंबर में पैदा हुए थे, आज अम्बेडकर दिवस है

स्कूली बच्चे बोले,  चाचा नेहरू सितंबर में पैदा हुए थे, आज अम्बेडकर दिवस है

Iftekhar Ahmed | Publish: Nov, 14 2017 07:09:31 PM (IST) Meerut City, Meerut, Uttar Pradesh, India

बाल दिवस के मौके पर मेरठ के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने खोली देश की शिक्षा व्यवस्था की पोल

मेरठ. जनपद के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। प्रदेश सरकार सर्व शिक्षा अभियान के नाम भारी बजट खर्च कर रही है। इतना ही नहीं, शिक्षा सुधार के लिए विश्व बैंक भी सहायता कर रहा है। इसके बावजूद शिक्षक क्या पढ़ा रहे हैं आैर बच्चे क्या सीख रहे हैं। यह बाल दिवस पर साबित हो गया। परिषदीय विद्यालयों के बच्चे 14 नवंबर को बाल दिवस के स्थान पर अम्बेडकर दिवस के रूप में जानते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों का कहना है कि चाचा नेहरू का जन्म सितंबर में हुआ था। निकाय चुनाव करीब हैं, लेकिन इस चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में गौ-पालन केन्द्र खोलने का दावा तो किया है, लेकिन प्राथमिक शिक्षा को शामिल नहीं किया है।

बाल दिवस पर यह हुआ

जनपद के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे क्या पढ़ार्इ कर रहे हैं, इसकी बानगी शहर के सराय लाल दास परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को देखने को मिली। बच्चों से 'पत्रिका' ने बाल दिवस पर बातचीत की, तो बच्चे या ताे चुप रहे या फिर गलत-सलत जवाब दिए। इस विद्यालय के कक्षा पांच और छह के छात्रों को अपने राष्ट्रीय दिवसों के बारे में जानकारी नहीं है। चाचा नेहरू के बारे में बच्चों से पूछा गया तो अधिकांश बच्चे चाचा नेहरू का नाम सुनकर चुप ही रहे। एक बच्चे से जब पूछा कि आज कौन सा दिवस है तो उसका कहना था कि आज अम्बेडकर दिवस है। दूसरे बच्चे से चाचा नेहरू का पूरा नाम भी नहीं बताया गया। हैरत उस समय हुर्इ, जब एक बच्चे ने बताया कि चाचा नेहरू का जन्मदिन सितंबर में मनाया जाता है। हालांकि, कक्षा में बैठे शिक्षक बच्चों को पीछे से बताते रहे कि आज कौन-सा दिवस है और चाचा नेहरू देश के क्या थे, लेकिन इसके बाद भी बच्चे उत्तर नहीं दे पाए। ये स्तर सरकारी शिक्षा का है, जिसमें बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने के उद्देश्य से नई-नई योजनाएं संचालित कराई जाती हैं, इसके बावजूद भी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर समझ सकते हैं।

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