chaitra navratri बढ़ते संक्रमण के बीच थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाईजेशन के बाद ही मंदिरों में एंट्री

  • मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए गोले
  • अमूमन सभी देवी मंदिरों में नहीं दिखी भीड़

By: shivmani tyagi

Updated: 16 Apr 2021, 12:40 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ. चैत्र नवरात्र में इस बार देवी मंदिरों में श्रद्धालुओंं की संख्या में कम है। जो श्रद्धालु पहुंच रहे हैं उन्हे थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाईजेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। इसके बाद ही श्रद्धालुओं को एंट्री मिल रही है।

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शास्त्रीनगर स्थित गोल मंदिर में मंदिर समिति के पदाधिकारी भी मंदिर गेट पर ही खड़े होकर व्यवस्था संभाल रहे हैं। मंदिर में आने वालों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है उसके बाद उन्हे सैनिटाइज किया जा रहा है और फिर मंदिर प्रांगण में प्रवेश मिल रहा है। आमतौर पर सभी मंदिरों में यही व्यवस्था है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि मंदिरों में नवरात्र के दौरान काफी भीड़ एकत्र होती है। यह अलग बात है कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में लोगों की भीड़ काफी कम है लेकिन संक्रमण का खतरा ऐसे में भी बना हुआ है।

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यही कारण है कि श्रद्धालु घर पर ही पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस बार नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने घर पर ही कलश की स्थापना की है। पंडितों ने ऑनलाइन व्रत का संकल्प कराया और मंत्रोच्चारण के बीच कलश इत्यादी की स्थापना करवाई। गोल मंदिर सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर में जहां नवरात्र के दौरान पैर रखने की जगह नहीं होती थी। उसी मंदिर में इस बार गिनती के ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सभी के चेहरों पर मास्क है और वे कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं। लोगों को प्रसाद इत्यादी लेकर जाने की भी मनाही है। इसके साथ ही मूर्तियों काे छूने की भी मनाही है।

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