कोरोना प्रभाव: सलाखों के पीछे अपनों की झलक देखने को पथरा गई आंखें

जेल में पिछले एक साल से अधिक समय से बंद है मिलाई, अप्रैल में मिलाई शुरू होने की उम्मीद पर कोरोना ने फिर फेरा पानी

By: shivmani tyagi

Updated: 16 Apr 2021, 11:36 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

मेरठ. कोरोना संक्रमण के चलते एक साल से जिला कारागार में बंदियों की मुलाकात पर रोक लगी हुई है। ऐसे में बंदियों की अपने स्वजन से मुलाकात नहीं हो पा रही है और न उनका यह चेहरा देख पा रहे हैं। उम्मीद जगी थी कि मई माह से मुलाकात शुरू हो जाएगी, लेकिन कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

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जेल अधीक्षक बीडी पांडे ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते मुलाकात पर रोक लगाई गई है। बंदियों की उनके स्वजन से टेलीफोन से बात करा दी जाती है और सामान भी उन तक पहुंचा दिया जाता है।

इन्हें हो रही परेशानी
अप्रैल 2020 में शासन ने निर्देश दिया कि जो बंदी सात साल से कम की धारा में बंद है और जो कैदी सात साल से कम की सजा में बंद हैं, उन्हें पेरोल दे दिया जाए। ऐसे में जिनकी सजाया आरोप सात साल से अधिक वाले मामले में है उन्हें खासी परेशानी हो रही है। जेल प्रशासन ने जो सुविधा बंदियों को दी है उसके बंदियों को स्वजन से बात करने के लिए टेलीफोन मुहैया कराया गया जाता है। बंदी सप्ताह में पांच दिन अपने स्वजन से बातचीत कर सकते हैं।

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