मेरठ में बड़े साइबर क्राइम गैंग का खुलासा, बैंककर्मी-डाकिये की मिलीभगत से होता था अपराध

मेरठ साइबर क्राइम खुलासा, बैंककर्मी और डाकिये के सहयोग से उड़ाते थे खाते से रूपये

By: amit2 sharma

Published: 11 Sep 2017, 05:39 PM IST

मेरठ. पुलिस ने सायबर क्राइम करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये गिरोह बैंक आने-जाने वालों पर निगाह रखता था. किसी बहाने से ये उनकी जरूरी डिटेल ले लिया करते थे और उसकी सहायता से नकली आई डी बनाकर वे उनके खातों से पैसा गायब कर दिया करते थे. 

 

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक़ ये गिररोह अभी तक ऐसी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. पुलिस उन सबके बारे में जानकारी इकट्ठी कर रही है और बदमाशों से इसके बारे में पूछताछ चल रही है.

 

ये था काम करने का तरीका

 

जानकारी के मुताबिक़ पुलिस की गिरफ्त में आये बदमाशों के काम करने का तरीका बहुत ही शातिर है. वे पहले खातेदार के हस्ताक्षर की कॉपी करते और उसके बाद सांठ गाँठ से ग्राहक का मोबाइल नंबर बदलते हुए नया एटीएम बनवा उसके खाते से पैसे निकाल लेते थे.
फिलहाल पुलिस ने तीन लोगो को गिरफ्तार किया है जिसमे एक बैंक कर्मी भी शामिल है. जबकि इस खेल में शामिल एक डाकिया अभी फरार है.

 

घटना के तीनों शातिर राहुल, अनुज और राजीव हैं जो इस पूरे खेल को चला रहे थे. दरअसल राहुल और राजीव बैंक में जाकर किसी ग्राहक की हस्ताक्षर करते हुए फोटो कर लिया करते थे. उसके बाद प्रेक्टिस करके उसके जैसे हूबहू हस्ताक्षर कर लेते थे. इस दौरान बैंक कर्मी अनुज की मदद से वो फ़र्ज़ी टोल फ्री नंबर से फोन कर लोगो से उनके एटीएम की भी जानकारी ले लिया करते थे.

 

इसके बाद ये शातिर उसके फ़र्ज़ी हस्ताक्षर करते हुए पहले उसका खाते से जुड़ा नंबर बदलते और फिर नया एटीएम निकलवा लिया करते थे. जिसमे उन्होंने एक डाकिये राधेश्याम से सांठ गाँठ कर रखी थी जो एटीएम उनके हवाले कर देता था. और ये शातिर उसके खाते से पैसे गायब कर देते थे.

इन शातिरों ने बकायदा सेना के जवानो को भी अपना शिकार बना रखा है. अब इस खुलासे के बाद पुलिस ये भी जांच कर रही है की इस खेल में और कौन-कौन जुड़ा हुआ है, जिसमे बैंक कर्मचारी भी शक के घेरे में आ रहे हैं. वहीँ फरार डाकिये की गिरफ्तारी की कोशिश भी की जा रही है। .

 

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