हाथरस की घटना के बाद मेरठ में प्रदर्शन और हंगामा

Highlights

जगह—जगह जाम, लगाए विरोधी नारे
दो घंटे तक जाम रहा घंटाघर
लोगों में आक्रोश और गुस्सा

By: lokesh verma

Published: 30 Sep 2020, 08:24 PM IST

मेरठ। हाथरस की बेटी के साथ दरिंदगी और उसकी मौत के बाद मेरठ में भी गुस्सा और रोष है। मेरठवासी हाथरस की बेटी के परिजनों के साथ खड़े हो गए हैं। इस कड़ी में आज जोरदार धरना और प्रदर्शन हुआ। राजनैतिक और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें मांग की है कि हाथरस जिले के एसपी और डीएम को तुरंत निलंबित किया जाए। आरोपितों को फांसी की सजा दी जाए। पीड़िता के परिवार को एक सरकारी नौकरी व एक करोड़ रूपए आर्थिक सहायता दी जाए।
हाथरस की बिटिया के साथ दुष्कर्म व अमानवीयता की घटना से मेरठ में भी लोगों में आक्रोश फूट रहा है। गुस्साए लोगों ने आज अलग-अलग संगठनों के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर अपना गुस्सा सड़कों पर निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की।

संगठनों ने घटना की कड़ी भर्त्सना की। साथ ही पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजे। शहर के घंटाघर चौराहे पर दो घंटे तक वाल्मीकि समाज के लोगों ने जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच भारी जाम लग गया। बड़े से लेकर छोटे वाहन जाम में फंसे रहे। पुलिस—प्रशासन ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकि समाज के लोग भारी संख्या में सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने प्रशासन से हाथरस पीड़िता को न्‍याय दिलाने की मांग की।

ऑल इंडिया लायर्स यूनियन ने हाथरस की बिटिया को लेकर कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से राज्यपाल को चार सूत्रीय ज्ञापन भेजा, जिसमें अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश द्वारा सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए। अपराधियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में दिन प्रतिदिन सुनवाई करके अतिशीघ्र कठोरतम दंड दिलाया जाए। पीड़ित परिवार को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए।

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