डॉक्टर और पक्षी विशेषज्ञ बोले- अफवाहों से घबराएं नहीं, खूब खाएं चिकन और अंडे

Highlights

- चिकित्सकों की राय अफवाहों पर न दें ध्यान

- वायरस में बडे म्यूटेशन से इंसानों को खतरा

- इंसानों में बर्ड फ्लू का देश में नहीं मिला एक भी केस

By: lokesh verma

Published: 10 Jan 2021, 12:58 PM IST

मेरठ. पहले कोरोना और उसके बीच बर्ड फ्लू को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। देश के छह राज्यों में इसको लेकर अलर्ट भी जारी हो चुका है। वहीं, अगर चिकित्सकों और पक्षी विशेषज्ञों की माने तो इससे मानव जाति को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। वायरस में जब तक कोई म्यूटेशन नहीं होता इससे घबराने की जरूरत नहीं है। चिकित्सकों और पक्षी वैज्ञानिकों की यह राय आमजनों में डर की भावना को निकालने के लिए काफी है। यह डर ही है कि लोग चिकन और अंडे खाने पर प्रतिबंध लगाए बैठे हैं, जबकि वास्तविकता इससे परे है।

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दरअसल में देशभर में बर्ड फ्लू के वायरस को लेकर ज्यादा अफवाह फैल रही है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि बर्ड फ्लू वायरस का संक्रमण सबसे ज्यादा केरल में फैला है और वहीं पर मौत की पुष्टि भी हुई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. ज्ञानेन्द्र के अनुसार, बर्ड फ्लू वायरस का संक्रमण इंसानों में बहुत कम ही देखा गया है। यह पक्षियों से पक्षियों में ही ज्यादा फैलता है। यह तब तक इंसानों के लिए खतरा नहीं होता है जब तक कि वायरस में कोई बड़ा म्यूटेशन या बदलाव न हो जाए। अभी तक कोई बड़ा म्यूटेशन इसमें नहीं देखा गया है।

उन्होंने बताया कि यदि व्यक्ति संक्रमण का शिकार हो भी जाए तो कोरोना वायरस की तरह से तेजी से प्रसार नहींं करता। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के संजीव कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू दो प्रकार के होते हैं। हाई पैथोजेनिक इंफ्लुएंजा वायरस और लो पैथोजेनिक इंफ्लुएंजा। हाई पैथोजेनिक संक्रमण में पक्षियों की मृत्युदर बढ़ जाती है। जबकि लो पैथोजेनिक इंफ्लुएंजा में पक्षियों में पंख टूटने लगते हैं या बीमार हो जाते हैं। इसलिए जो भी पक्षी बीमार दिखे उनकी तत्काल डायग्नोसिस जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जब कोई पक्षी चाहे कौवा या कबूतर मरते हैं तो वायरस की अफवाह फैल जाती है, कर जबकि सैंपल की जांच तक नहीं होती है। पक्षी वैज्ञानिक डाॅ. श्वेत मणि के अनुसार, ठंड और भीषण गर्मी दोनों ही मामले में पक्षियों की मौतें होती हैं। यह एक सामान्य सी घटना है, इस सीजन में इसे सनसनी की तरह से नहीं लेना चाहिए।

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