यूपी के मेरठ में हुई 'डॉग' की तेहरवी में श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे कई गांव के लाेग

Highlights

  • किसान ने अपने पालतू डॉग की तेरहवीं में किया भोज का आयोजन
  • हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया गयाथा अंतिम संस्कार

By: shivmani tyagi

Updated: 17 Oct 2020, 07:41 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क, मेरठ ( Meerut ) हिंदू धर्म में जन्म लिए मनुष्य की मृत्यु की तेरहवीं भोज के बारे में तो आपने खूब सुना होगा लेकिन मेरठ में एक किसान ने अपनी पालतू कुतिया ( Pet Dog ) की मौत पर तेरहवीं भोज का आयाेजन किया जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार से लेकर तेरहवीं तक सब कुछ ऐसे ही परंपरागत संस्कार आयोजित किए जैसे कि हिंदू समाज में होते हैं।

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बाड़म गांव निवासी किसान योगेश त्यागी ने न केवल अपनी पालतू कुतिया पुष्पा की मृत्यु पर उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज के अनुसार किया बल्कि मृत्यु के बाद होने वाले सभी संस्कार हिंदू रीतिरिवाज के अनुसार ही किए। अपनी पालतू कुतिया पुष्पा की मौत की तेरहवीं पर योगेश ने पूरे गांव को दावत दी। योगेश ने इसके लिए बकायदा तेरहवीं के ये बुलावा पत्र भी भिजवाया। ग्रामीणों ने बताया कि किसान योगेश त्‍यागी को अपनी पालतू कुतिया पुष्पा से बहुत अधिक लगाव था। इसी लगाव के कारण पुष्पा के मरने पर योगेश ने उसका अंतिम संस्कार श्मशान घाट में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया इतना ही नहीं योगेश अंतिम संस्कार के तीसरे दिन अस्थियों को लेने श्मशान घाट पहुंचे और अस्थ्यिों का विसर्जन गढ़ गंगा पंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच किया।

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योगेश त्यागी ने बताया कि वे पेशे से किसान हैं। उनकी पालतू कुतिया पुष्पा की गत 12 अक्टूबर को मौत हो गई थी। पुष्पा उनके घर के परिवार के सदस्यों के जैसी थी। पुष्पा के बीमार होने के बाद उन्होंने उसका इलाज भी कराया। लेकिन वो ठीक नहीं हुई और उसकी मौत हो गई पुष्पा की मौत का योगेश के परिजनों को बहुत दुख हुआ। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि पुष्पा का अंतिम संस्कार वैसे ही किया जाए जैसे कि किसी परिवार के एक सदस्य के मरने पर किया जाता है। इसी लिए योगेश ने पुष्पा की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार परिवार के किसी सदस्य की तरह ही किया। इसके बाद तेरहवीं के दिन तक हिंदू धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार मृत्यु के बाद से संस्कारों का पालन किया गया।

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तेहरवीं को लेकर उन्होंने ब्रहमण भोज का आयोजन किया। इसके लिए गांव में तेरहवीं पत्र छपवाए गए और उनको बांटा गया। आज तेरहवीं पर योगेश के घर में सुबह शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें परिवार समेत गांव के लोग भी आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद ब्राहमण भोज और तेरहवीं में पूरे गांव को दावत दी गई।

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