बेटा-बहू क्वारंटीन सेंटर में भर्ती, घर में इलाज के बगैर तड़प रही बुजुर्ग मां ने तोड़ दिया दम

Highlights

- मेरठ के थापर नगर की घटना- फोन करने के बाद भी कोरोना जांच के लिए नहीं आई स्वास्थ्य विभाग की टीम
- मरने के बाद अर्थी को चार कंधे भी नहीं हुए नसीब
- स्वास्थ विभाग ने फजीहत से बचने को कर दिया अंतिम संस्कार

By: lokesh verma

Published: 29 May 2020, 12:32 PM IST

मेरठ. बहू-बेटे कोरोना संक्रमण के चलते क्वारंटीन कर दिए गए हैं, लेकिन घर में बूढ़ी मां इलाज के लिए तड़पती रही। कई बार फोन करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने नहीं पहुंची। आखिर चार दिन बाद वृद्धा ने घर में ही बिना इलाज के दम तोड़ दिया। विडम्बना देखिये कि कोरोना के डर से कोई उनकी अर्थी को चार कंधे देने भी नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य विभाग को जब वद्धा की मौत के बारे में पता चला तो आनन-फानन में एक टीम भेजी गई, जो महिला के शव को लेकर सीधे सूरज कुंड शमशान घाट पहुंची और अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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दरअसल, यह दिल दहला देने वाला मामला मेरठ के थापर नगर का है। जहां 86 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की इलाज के अभाव में मौत हो गई है। मृतक वृद्धा की पोती ने बताया कि चार दिन पहले उसके माता-पिता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें क्वारंटीन कर दिया था। वहीं 86 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत भी खराब थी और वह चाहती थी कि उनका भी कोरोना टेस्ट किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को फोन किया गया, लेकिन चार दिन तक भी कोई सैंपल लेने के लिए नहीं आया। आखिरकार गुरुवार शाम महिला ने दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को हुई तो हड़कंप मच गया। सीएमओ डाॅ. राजकुमार ने टीम भेजकर महिला के शव को शमशान घाट पहुंचवाया और वहीं पर महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुजुर्ग महिला की मौत पर मोहल्ले वाले भी गमजदा नजर आए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते बुजुर्ग मां को न चार कंधे मिले और न ही बेटा मुखाग्नि दे सका।

सीएमओ डाॅ. राजकुमार से बात की गई तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं सर्विलांस अधिकारी डाॅ. विश्वास चौधरी ने बताया कि बुजुर्ग महिला के सैंपल लेने के लिए जानकारी मेडिकल को दे दी गई थी। वहीं से टीम सैंपल लेने जाती है। यह हाल मेरठ की स्वास्थ्य सेवाओं को तब है। जबकि यहां पर लखनऊ से बराबर निगरानी रखी जा रही है और मुख्यमंत्री योगी भी प्रतिदिन मेरठ की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बाद भी यहां पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का ये हाल है।

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