मेरठ के डबल मर्डर मामले में रोजाना हो रहे खुलासे, आप भी हैरत में पड़ जाएंगे

परतापुर क्षेत्र में मां-बेटे की हत्या से पहले समझौता कराने में जुटे थे बड़े अपराधी, परिवार के दोनों पक्षों को बिठाकर कोशिश की थी समझौते की

 

By: sanjay sharma

Published: 26 Jan 2018, 05:17 PM IST

मेरठ। परतापुर के गांव साेरखा में सवा साल पहले पति की आैर हाल ही उसकी पत्नी-बेटे की हत्या में चुनावी रंजिश मुख्य वजह सामने आ रही है। इसके अलावा भी नए खुलासे रोजाना हो रहे हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन पता चला है कि कुटुम्ब के बीच पनपनी इस दुश्मनी के बीच समझौता कराने के लिए वेस्ट यूपी के एक बड़े बदमाश ने भी कोशिश की थी, इसके बावजूद जब बलविन्द्र उर्फ भोलू व उसकी मां समझौते को राजी नहीं हुए थे, तो उन्हें मारने की धमकी दी गर्इ थी। इसी वजह से घटना से कुछ दिन पहले भोलू ने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। बुधवार को परतापुर के सोरखा गांव में कुटुम्ब के ही मांगे, उसके भांजे गोलू व इनके साथी संजय ने बाइक पर सवार होकर पहले तो अपनी कार से जा रहेे भोलू पर 11 गोलियां बरसाकर हत्या कर दी, इसके बाद ये तीनों उसके घर गए आैर उसकी मां पर आठ गोलियां दागकर मौत के घाट उतार दिया था।

इसलिए नहीं हुआ था समझौता

छानबीन में जो बातें सामने आ रही हैं, उसमें सपा कार्यकर्ता बलविन्द्र व भोलू के पिता नरेंद्र की हत्या के बाद सौबीर, मांगे, गोलू पक्ष के लोग गोलू व उसकी मां पर समझाैते का दबाव डाल रहे थे, क्योंकि ये दोनों चश्मदीद गवाह थे। दोनों को गुरुवार को गवाही देनी थी। सौबीर नरेंद्र की हत्या के कारण जेल में है। करीब दो महीने समझौते की कोशिश की गर्इ थी। इसमें वेस्ट यूपी के बड़े बदमाश को बीच में लाया गया, क्योंकि मामला एक ही परिवार के दो पक्षाें के भार्इ-भार्इ का था। इसके लिए 15 लाख रुपये आैर शपथ पत्र की बात रखी गर्इ थी। साथ ही यह भी बात रखी गर्इ कि सौबीर व मांगे पक्ष के लोगों को सबके सामने माफी मांगनी होगी, यहीं से मामला उलझता चला गया। दरअसल, वेस्ट यूपी बड़ा गिरोह चलाने वाला यह बदमाश दोनों पक्षों का रिश्तेदार है। समझौते की बात आगे नहीं बढ़ पायी आैर फिर मां-बेटे की हत्या की प्लानिंग बनार्इ गर्इ।

तीसरे का पता नहीं

मांगे, उसके भांजे गोलू व तीसरे हमलावर संजय में से अभी तक गोलू की गिरफ्तारी हो पायी है। तीसरे हमलावर संजय के बारे में अभी तक पुलिस खाली हाथ है, न ही मांगे की गिरफ्तारी हो सकी है। इस संबंध में एसएसपी मंजिल सैनी खुद जांच में जुटी हैं। साथ ही उन्होंने कर्इ टीमें दाेनों की गिरफ्तारी के लिए भेज रखी हैं। क्राइम ब्रांच की टीम ने भी जेल में सौबीर से पूछताछ की है, लेकिन पुलिस को अभी तक सफलता नहीं मिली है।

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