मिसाल: बेटी का नाम कटवाने आया था लाचार पिता, प्रिंसिपल ने अपनी जेब से भरी फीस

  • प्रिंसिपल की पहल से प्रबंधन भी आया मदद काे आगे
  • स्टाफ ने मिलकर कई छात्राओं की फीस जमा कराई

By: shivmani tyagi

Updated: 03 Sep 2020, 07:08 AM IST

मेरठ। लॉकडाउन ( lockdown ) के बाद जब स्कूल अभिभावकों पर फीस ( school fees ) जमा कराने का दबाव बना रहे हैं तो ऐसे में मेरठ में एक स्कूल की प्रधानाचार्य ने छात्राओं की फीस अपनी जेब से जमा करके मिसाल कायम कर दी है।

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बताया जा रहा है कि लॉकडाउन में काम छिन जाने से परेशान पिता बेटी की फीस नहीं दे पा रहा था। लाचार पिता ने स्कूल प्रधानाचार्य से मिलकर अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए बेटी का नाम स्कूल से कटवाने का आग्रह किया। पिता ने बोला कि वह अब बेटी की बाेर्ड परीक्षा ( board exams ) की फीस नहीं जमा करा पाएंगे इसलिए उनकी बेटी का स्कूल से नाम काट दिया जाए। आपकाे जानकर हैरानी होगी कि लाचार पिता के ये बाेल सुनकर प्रिंसिपल यानि प्राधानाचार्य ने कहा कि उनकी बेटी की बाेर्ड परीक्षा की फीस वह अपने वेतन से जमा कराएंगी।

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प्रिंसिपल ने अपनी जेब से छात्रा की फीस जमा कर दी। प्रिंसिपल की इस पहल के बाद कई बेटियों की पढ़ाई बीच में छूटने से बच गई। स्कूल में ऐसे कई मामले थे जिनकी बाेर्ड परीक्षा फीस जमा नहीं हाे पा रही थी। इसके बाद प्रबंधन और स्टाफ ने मिलकर ऐसी बच्चियों की फीस जमा कराने निर्णय किया जिनके पिता उनकी फीस जमा नहीं करा पा रहे थे।

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यह पहल मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित इस्माईल इंटर कॉलेज में हुई है। इस स्कूल की प्राधानाचार्य मृदुला शर्मा और प्रबंध समिति के प्रयासों से इन बच्चियों के चेहरे पर इस्माईल लाैट आई है जिनके चेहरे दाे दिन पहले पढ़ाई छूट जाने के डर से फीके पड़ गए थे। प्रिंसिपल और प्रबंधन समिति ने मिलकर अब इस स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 10 ( Class 10 Board exams ) और कक्षा 12 ( Class 12 Board Exam ) की ऐसी छात्राओं की बाेर्ड परीक्षा की फीस जमा कराने का जिम्मा उठाया है जिनके पिता लॉकडाउन में काम छूट जाने या अन्य वजहों से आई आर्थिक परेशानी के कारण बेटियों की फीस जमा नहीं कर पा रहे।

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