बिकरू कांड की तरह मेरठ में भी पुलिस टीम पर फायरिंग, पुलिसकर्मियों ने अंधेरे में इधर-उधर छिपकर बचाई जान

Highlights

- थाना किठौर क्षेत्र के गांव राधना में हुआ हमला
- आरोपी को पकड़ने के लिए दी थी दबिश
- फायरिंग होते ही इधर-उधर छिप गए पुलिसकर्मी

By: lokesh verma

Published: 07 Sep 2020, 11:16 AM IST

मेरठ. मेरठ में भी कानपुर की तर्ज पर एक बिकरू कांड होने से बच गया। फायरिंग होते ही पुलिसकर्मी इधर-उधर छिप गए, जिसके चलते उनकी जान बच गई। कानपुर में हुए बिकरू कांड के बाद डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी को निर्देश दिए थे कि दबिश के दौरान पूरी सतर्कता और सावधानी बरती जाए, लेकिन मेरठ पुलिस के लिए डीजीपी के आदेश बेमानी साबित हो रहे हैं। लापरवाही का ही नतीजा है कि देर रात दबिश देने गए पुलिसकर्मियों को घेरकर हमला कर दिया और चारों ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। गनीमत रही कि पुलिसकर्मियों ने इधर-उधर दुबककर अपनी जान बचाई और थाने से और फोर्स भेजे जाने की मांग की। समय रहते मदद पहुंची तो पुलिसकर्मियों की जान बच सकी। नहीं तो कानपुर के बाद मेरठ में भी एक बिकरू कांड पुलिस की लापरवाही से हो सकता था।

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नहीं लिया सबक और बिना तैयारी दबिश

दरअसल, पुलिस की एक टीम देर रात मेरठ के किठौर क्षेत्र के राधना गांव में वांछित की तलाश में दबिश देने गई थी। इसी दौरान आरोपी और उसके परिजनों ने गोलियां चला दीं। इस फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिसकर्मी रात के अंधेरे में इधर-उधर छिपे रहे और गोलियां चलती रहीं। इसके बाद थाने से अतिरिक्त फोर्स मदद के लिए भेजा गई, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।

थाना प्रभारी रोजंत त्यागी ने बताया कि शनिवार को पुलिस टीम राधना गांव में रागिब पुत्र मोहम्मद अली के यहां दबिश देने गई थी। राकिब ने पुलिस को देेखते ही टीम पर गोली चलानी शुरू कर दी, जिससे पुलिस टीम में शामिल पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को घेरकर दबोच लिया।

अवैध हथियारों के लिए कुख्यात राधना

गौरतलब है कि इस गांव में अब तक कई बार अवैध हथियारों की तस्करी और गोतस्करी जैसे मामले सामने आ चुके हैं। इस गांव के लोगों की तलाश में पुलिस दबिश देती रहती है, लेकिन दबिश के दौरान पुलिस पर हर बार ग्रामीण भारी पड़ते हैं। पुलिस पर हमला कर देते हैं। आरोपी को न छुड़ा पाने की स्थिति में ये लोग पुलिस पर आरोप लगा देते हैं। ग्रामीण इकट्ठा होकर हमला बोलते हैं और पुलिस से खींचातानी और हमला कर देते हैं।

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