Teen Talaq: सपा सरकार के पूर्व मंत्री इसरार सैफी ने दिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बयान

इसरार सैफी ने कहा-सिर्फ देश के ही नहीं बल्कि विश्व के मुसलमान इस फैसले का विरोध  करेंगे

By: pallavi kumari

Published: 22 Aug 2017, 05:33 PM IST

मेरठ. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में दखल देने से इनकार करते हुए संसद मे इस संबंध में छह महीने में कानून बनाने का निर्णय दिया है। तब तक तीन तलाक पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इस पर मुस्लिम नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया है। प्रदेश की पिछली सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री इसरार सैफी ने कहा है कि कोर्इ हुकूमत कुरान से हटकर कोर्इ कानून बनाती है, तो इसका हिन्दुस्तान ही नहीं दुनिया के मुसलमान भी विरोध करेंगे। क्योंकि कुरान से बढ़कर कोर्इ कानून नहीं बन सकता।

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सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक की संवैधानिक वैधता पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 18 मर्इ से सुरक्षित कर लिया था। चीफ जस्टिस जीएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपना फैसला सुनाया।

हमारा र्इमान है कुरान पर

पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री व सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष इसरार सैफी ने कहा कि हर मुसलमान का र्इमान कुरान पर है। तीन तलाक के मुद्दे पर कुरान से अलग कोर्इ कानून बनाया ही नहीं जा सकता। इसलिए कोर्इ भी हुकूमत कुरान से अलग हटकर तीन तलाक पर कानून बनाती है, तो विरोध करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विरोध का एक तरीका यह भी है कि संसद का कानून नहीं मानेंगे आैर कुरान के हिसाब से काम करेंगे।

कुरान के सामने सारे कानून फेल

इसरा सैफी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला है, वह उस पर कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन संसद कुरान से अलग न जाए, क्योंकि कुरान के सामने सारे कानून फेल हैं। संसद कुरान से मिलकर व देखकर कानून बनाती है, तो ठीक है मानेंगे, नहीं तो नहीं। मुसलमान शरीयत के कानून के खिलाफ नहीं जाएंगे। चाहे हिन्दुस्तान के मुसलमान हों या फिर दुनिया के मुसलमान वे इस संसद के कानून को नहीं मानेंगे।

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