रावण ने किया खुलासा: मेरी जान को खतरा, किसी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा

भीम आर्मी के संस्थापक ने कहा मेरी जान को खतरा है और मुझे किसी ने मिलने भी नहीं दिया जा रहा है।

By: Ashutosh Pathak

Published: 10 Nov 2017, 07:37 PM IST

मेरठ। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रेशखर उर्फ रावण ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी जान को खतरा है। साथ ही उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पत्रिका डॉट कॉम से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि मेरी तबीयत बहुत खराब है और मुझे इलाज की सख्त जरूरत है। मैंने डॉक्टर्स से खुद को दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराने की बात कही, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। मेरठ में मेरा इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा। डॉक्टर्स सिर्फ आते हैं और दवा देकर चले जाते हैं।

यही नहीं, रावण ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में हुए हिंसा पर कहा कि यह एक साजिश थी और इसमें जमकर वोटों की राजनीति हुई। रावण ने भाजपा, सपा और बसपा तीनों सरकारों पर निशाना साधते हुए इन्हें दलित विरोधी बताया। उन्होंने मायावती को आड़े हाथों लेते हुए सवाल पूछा कि यदि वह दलित हितैषी हैं तो आंदोलने में मेरा साथ क्यों नहीं देती? बता दें कि सहारनपुर जेल में बंद होने के दौरान अचानक रावण की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे मेरठ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉ. नितिन के मुताबिक चंद्रशेखर की आंतों में सूजन है। उसके पेट में इंफेक्शन है, जिस वजह से उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

दो दर्जन पुलिसकर्मी तैनात

रावण को किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। चंद्रशेखर की सुरक्षा में करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) भी मेडिकल अस्पताल में तैनात है। चंद्रशेखर पर हाल ही में सहारनपुर जिला प्रशासन की संस्तुति पर रासुका लगायी गई है। रासुका लगाए जाने के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर में पंचायत का ऐलान किया है। हालांकि, उन्हें पंचायत करने की अनुमति नहीं मिली है।

8 जून को चंद्रशेखर हुआ था अरेस्ट

9 मई को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर उर्फ रावण को पुलिस यूपी समेत कई राज्यों में ढूंढ रही थी। पुलिस ने चंद्रशेखर और उसके तीन साथियों पर 12-12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 1 जून को चंद्रशेखर के भाई कमल को पुलिस ने उसके घर से अरेस्ट किया था। उस समय वो अपनी मां के साथ बिना परमिशन के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था। कमल की गिरफ्तारी के बाद चंद्रशेखर की मां कमलेश ने कहा था कि उसे योगी सरकार दंगों का दाग लगाकर फंसा रही है। हिंसा के दौरान चंद्रशेखर अपने घर पर था। वहीं, इस मामले में यूपी पुलिस ने हिमाचल में चंबा जिले के डलहौजी से 8 जून को रावण को अरेस्ट किया था । इसके बाद से वो सहारनपुर जेल में बंद था। हालांकि, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने उस पर रासुका लगा दी और जिला जेल में तामील भी करा दिया।

क्या है भीम आर्मी

ये संगठन सहारनपुर के 700 गांवों में एक्टिव है। 2013 में बनी भीम आर्मी दलितों को लीड करती है। इसका चीफ एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद है। दावा है कि हर गांव में भीम आर्मी के 8 से 10 युवा मेंबर हैं। ये सभी अपने सिर पर नीला कपड़ा बांधते हैं। वहीं, कुछ दिनों पहले मायावती आरोप लगा चुकी हैं कि भीम आर्मी बीजेपी की टीम है।

समर्थकों ने किया प्रदर्शन

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाए जाने के विरोध में बहुजन सशक्तिकरण संघ के लोगों ने शुक्रवार को कमिश्नरी पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति से प्रदेश सरकार की जमकर शिकायत की है। अपने मांग पत्र में उन्होंने प्रदेश सरकार पर कर्इ आरोप लगाए और चंद्रशेखर उर्फ रावण पर रासुका हटाए जाने की मांग की है।

राष्ट्रपति से मांग

बहुजन सशक्तिकरण संघ के सदस्यों ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में उनसे आग्रह किया है कि वह अपने स्तर से हस्तक्षेप करते हुए चंद्रशेखर से रासुका हटवाने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश जारी करें। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो प्रदेश के अन्य जनपदों में जाकर प्रदर्शन करेंगे और प्रदेश सरकार की मानसिकता के बारे में लोगों को बताएंगे।

Ashutosh Pathak
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