लव जिहाद! नाम बदलकर अमित गुर्जर बने शमशाद को प्रेमिका की सहेली ने इस तरह पहुंचाया सलाखों के पीछे

Highlights:

-मां-बेटी की हत्याकर घर में दफनाया था

-पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया

-दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

By: Rahul Chauhan

Updated: 23 Jul 2020, 10:25 AM IST

मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के गांव भूडबराल में हुए लवजेहाद की भेंट चढ़ी मां-बेटी के हत्यारे को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सहेली ने अपनी दोस्ती का पूरा धर्म निभाया। मृतका प्रिया की सहेली आखिरी दम तक पूरे मामले में पूरे दमखम के साथ लगी रही। तभी अमित गुर्जर बना शमशाद सलाखों के पीछे पहुंच पाया।

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दरअसल, मूलरूप से बिहार का रहने वाला अमित गुर्जर उर्फ शमशाद मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के भूडबराल में गत 10 साल से रह रहा था। शमशाद दिल्ली और गाजियाबाद जैसी जगहों पर कमीशन पर समान बेचने और खरीदने का काम करता था। इसी कारण से वह मोदीनगर में ही प्रिया नामक महिला के संपर्क में आया। जो एक बच्ची की मां थी। प्रिया को भी एक सहारे की जरूरत थी। प्रिया की इसी भावनाओं का लाभ उठाते हुए शमशाद ने अपना नाम बदल लिया और उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया।

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ऐसे खुला पूरा मामला :—

मोदीनगर निवासी चंचल नामक युवती प्रिया से अक्सर फोन पर बाते करती थी। चंचल और प्रिया की हफ्ते में एक-दो बार बात हो ही जाती थी। पुलिस को चंचल ने बताया कि प्रिया ने अमित गुर्जर के शमशाद होने की बात उसको बताई थी। प्रिया ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी। जिस पर चंचल ने प्रिया को वहां से मोदीनगर आने के लिए बोला था। प्रिया मोदीनगर जाती इसी दौरान शमशाद ने उसकी और बेटी की हत्या का शव को जमीन में गाड दिया।

चंचल ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी सहेली प्रिया को 30 मार्च केा फोन किया। लेकिन प्रिया का मोबाइल स्विच आफ आ रहा था। उसके बाद से लगातार जब मोबाइल स्विच आफ आता रहा तो उसने शमशाद के नंबर पर फोन किया। शमशाद ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद उसे कुछ अनहोनी की आशंका हुई। जिस पर चंचल ने परतापुर थाने फोन कर घटना के बारे में जानकारी दी। चंचल तब से ही बराबर प्रिया की तलाश में लगी हुई थी। आखिर में उसने अपनी सहेली के कातिल शमशाद तक पहुंच गई और उसे सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया।

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