अब काशी की तर्ज पर गंगा किनारे बसे इन शहरों में होगा गंगा आरती का आयोजन

Highlights

- समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को किया निर्देशित

- मंडल के जिलों में 300 करोड़ के बजट से बदलेगी सूरत

- शहर के साथ गांव का भी होगा सुंदरीकरण

By: lokesh verma

Published: 28 Feb 2021, 01:07 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ. मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त सभागार में एक बड़ा फैसला लिया गया है। कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मेरठ मंडल के शहरों में गंगा किनारे गंगा आरती शुरू करने निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों में 300 करोड़ रुपए के बजट से पीएम ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई जा रही सड़कों में गुणवत्ता और मानकों का पालन करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस योजना के तहत शहर के साथ गांव का सुंदरीकरण भी होगा।

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कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेरठ मंडल के जिन शहरों से गंगा होकर गुजरती है, वहां गंगा आरती का आयोजन किया जाए। इस दौरान प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मेरठ मंडल के सभी जिलों में 300 करोड़ रुपए सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए, बता दें कि इनमें से आधा दर्जन सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इस मौके पर आईजीआरएस और विकास कार्यो में रैंकिंग सुधार के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

कमिश्नर ने सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव में कमी को लेकर नाराजगी जताते हुए सख्ती से सुधार करने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित 80 परियोजनाओं में से 27 का कार्य पूरा होने को लेकर भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने एक मार्च से कोविड प्रोटोकाल के तहत प्राथमिक विद्यालय खोलने के निर्देश दिए। इस बैठक में सीडीओ गाजियाबाद अस्मिता लाल, गौतमबुद्धनगर अनिल कुमार सिंह, बुलंदशहर अभिषेक पांडेय, हापुड़ उदय सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

जलशक्ति मंत्री ने कही थी गंगा चबूतरे बनाने की बात

बता दें कि पिछले वर्ष जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने प्रदेश में गंगा किनारे बसे गांवों में गंगा चबूतरे बनाकर सुबह-शाम गंगा आरती कराने की बात कही थी। डॉ. सिंह ने कहा था कि गंगा आरती में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक जुटेंगे। उन्होंने कहा था कि काशी, हरिद्वार या प्रयागराज की गंगा आरती में जो लोग शामिल नहीं हो पाते हैं, वह अपने जिले में गंगा आरती में शामिल जरूर होंगे। इससे जहां गंगा के आसपास साफ-सफाई हो सकेगी, वहीं गंगा आरती में लोगों के शामिल होने से आसपास के लोगों को छोटे-छोटे रोजगार भी मिलेंगे।

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