कोरोना काल में स्कूलों में नहीं होंगी ये Activities, क्लास भी दो शिफ्टों में चलेंगी

Highlights:

-डीआईओएस ने दिए पब्लिक स्कूलों को निर्देश
-19 से खुल रहे कक्षा 9 से 12 तक स्कूल
-डेस्क पर नाम और रोल नंबर होगा लिखा

By: Rahul Chauhan

Published: 16 Oct 2020, 03:04 PM IST

मेरठ। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले 6 महीने से बंद स्कूल को आगामी 19 अक्तूबर से खेालने की कवायद की जा रही है। इसके पहले चरण में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को बुलाया जा रहा है। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक से लेकर स्कूलों तक के स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। स्कूलों से साफ कहा गया है कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश से लेकर जाने तक शासन के निर्देश पर बनी एसओपी का पालन किया जाएगा।

परीक्षा की तरह यहां भी अब बच्चे के बैठने तक का स्थान निर्धारित किया जाएगा। बकायदा, डेस्क पर नाम और रोल नम्बर तक लिखा जाएगा। इसके अलावा, बिना अभिभावक के सहमति पत्र के किसी भी छात्र को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अनिल अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों के स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। बकायदा , सैनिटाइजेशन टनल्स तक लगाए जा रहे हैं।

डीआईओएस बोले, स्कूलों को देना होगा प्रमाण पत्र

जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी ने बताया कि मेरठ के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल के प्रबंधन/प्रधानाचार्यों के साथ तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। तैयारियों को लेकर समीक्षा होगा। 17 और 18 अक्तूबर को सभी स्कूलों की तैयारियों के संबंध में जांच होगी। बकायदा स्कूलों से एक प्रमाण पत्र लिया जाएगा। उसमें स्कूल प्रबंधन को कोविड संबंधी एसओपी के तहत सफाई, सैनिटाइजेशन से लेकर कोरोना हेल्प डेस्क तक स्थापित किए जाने के संबंध में लिखकर देना होगा। उन्होंने बताया कि 19 और 20 अक्तूबर को स्कूलों का औचिक निरीक्षण भी किया जाएगा।

ऐसे स्कूल शुरू करने की है तैयारी :—

- स्कूल संचालन के लिए निर्धारित मानक दो शिफ्टों में प्रस्तावित स्कूल की समय सारणी : सुबह 8 से 11 बजे और दोपहर 12 से 3 बजे तक ।

- छात्रों के प्रवेश के लिए प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम 2 गेट्स खोले जायेंगे।

- सैनीटाइजेशन चैम्बर स्थायी रूप से प्रवेश और निकास द्वार के साथ वाशरूम के पास रखा जाना चाहिए ।

- यदि छात्र दिना मास्क और सैनिटाइजर के आएंगे तो प्रवेश वर्जित होगा ।

- स्कूल के सभी गेट्स पर 50 मीटर्स तक गोले बनाए जाएंगे । इससे आते समय बच्चे सामाजिक दूरी का पालन कर सके ।

- दोनों पालियों में आने वाले सभी छात्रों का कक्षा एवं सेक्शन के आधार पर रिकार्ड तैयार किया जायेगा ।

- छात्रों को गेट पर ही थर्मल स्कैनर की मदद से उनका टेम्परेचर देखा जाएगा एवं उनके हाथों को सैनिटाइज किया जाएगा ।

- छात्र सीधे अपनी कक्षाओं में जाएंगे ।

- प्रत्येक डेस्क पर उस पर बैठने वाले छात्र का नाम लिखा जाएगा,जिससे कक्षा में किसी भी प्रकार का संशय न हो।
- सभी छात्रों को अपनी खुद की स्टेशनरी और पुस्तकें ले जानी चाहिए । कोई उधार लेने की अनुमति नहीं होगी।

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