भारतीय सेना के ऐसे हथियार देखकर छात्र बोले, आर्मी में जाना है सपना

Highlights:

-सेना के पराक्रमी हथियार देख दंग रह गए छात्र और एनसीसी कैडेटस

-सैन्य हथियारों की प्रदर्शनी में मिलेट्री बैंड ने किया स्वागत

-चार्जिग रैम डिवीजन के जनरल कमांडिग ने किया शुभारंभ

By: Rahul Chauhan

Published: 21 Jan 2021, 10:33 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। मेरठ कैंट में सेना के पराक्रमी हथियारों की प्रदर्शनी में छात्राओं और एनसीसी कैडेटस ने हिस्सा लिया। सेना के हथियार व उनकी क्षमता देख प्रदर्शनी देखने वाले हैरान हो गए। अपनी सेना के पास घातक हथियारों के देख दर्शकों को पूरा विश्वास हुआ कि हमारी देश की सभी सीमाएं चारों तरफ से पूरी सुरक्षित है। बता दें कि सेना के हथियार और उपकरण एक देश की सेना के ही पराक्रम नहीं होते, बल्कि देशवासियों का भी गौरव होते हैं। युवा पीढ़ी में वही आत्मविश्वास बनाए रखने और 72वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सेना ने मिलिट्री बैंड प्रस्तुति व सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई। चार्जिग रैम डिवीजन की ओर से भगत लाइंस में आयोजित प्रदर्शनी में शहर के विभिन्न स्कूलों व कालेजों के एनसीसी कैडेट व अन्य छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी का शुभारंभ चर्जिग रैम डिवीजन के जनरल आफिसर कमांडिग मेजर जनरल एसके शर्मा ने किया।

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सेना की पंजाब रेजिमेंट की 17वीं बटालियन के पाइप बैंड ने सर्द मौसम में देशभक्ति के गीत की धुन निकालकर गर्मी पैदा कर दी। भारतीय सेना में पिछले साल बेहतरीन आर्मी बैंड के पुरस्कार से सम्मानित इस बैंड ने 10 तरह की धुनों से देशभक्ति जज्बा जगाया। प्रदर्शनी में युवाओं ने युद्ध के समय का सर्विलांस रडार, थर्मल इमेजर, रात में दुश्मन पर नजर रखने वाले पैसिव नाइट साइट, फ्लेम लांचर, इंसास राइफल, 81 एमएम मोर्टार, इंसास एलएमजी, मशीन गन, मशीन पिस्टल, राइफल, मल्टीशाट ग्रेनेड लांचर आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।

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चार्जिग रैम डिवीजन के जनरल आफिसर कमांडिग मेजर जनरल एसके शर्मा ने कहा कि कोरोना काल के बाद देश और दुनिया की महिलाओं को पुरुषों के समान सशक्त बनकर उभरना है। हमारे देश में तीन क्षेत्रों को काफी सम्मान व गर्व से देखा जाता है। एक है सेना, दूसरा पुलिस और तीसरा पायलट। भारतीय सेना इन तीनों क्षेत्रों में महिलाओं को अवसर दे रही है।

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