मेरठ का शख्स, जो पाकिस्तान में सुपरस्टार बन गया

 मेरठ का शख्स, जो पाकिस्तान में सुपरस्टार बन गया
islahuddin Siddique

sandeep tomar | Publish: Dec, 20 2016 06:19:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

वह मेरठ के ऐसे शख्स हैं, जिन्हें मेरठ में शायद ही कोई जानता हो लेकिन पाकिस्तान में वह सुपर स्टार हैं

संजय श्रीवास्तव, मेरठ। वह मेरठ के ऐसे शख्स हैं, जिन्हें मेरठ में शायद ही कोई जानता हो लेकिन पाकिस्तान में वह सुपर स्टार हैं। पाकिस्तान में लोग उनसे बेइंतिहा प्यार करते हैं। कराची में उनके नाम पर स्ट्रीट है। बड़े बड़े लोगों के साथ उठना बैठना है लेकिन जुबान पर मेरठ का नाम जरूर रहता है। मेरठ के पुराने लोग भी उन्हें और उनके परिवार को याद करते हैं।

कराची की स्ट्रीट उनके नाम पर

उनका नाम इस्लाहुद्दीन सिद्दीकी है। माना जाता है कि वह पाकिस्तान के अब तक के सबसे बड़े हॉकी स्टार रहे हैं। पाकिस्तान में शायद किसी खिलाड़ी को सुपरस्टार सरीखा वो रूतबा हासिल हुआ, जो उन्हें मिला। वह जिया उल हक समेत कई पाकिस्तानी हुक्मरानों के मित्र रहे। कराची में कई सालों से एक स्ट्रीट का नाम उनके नाम पर है। अपने जमाने में दुनिया के सबसे तेजतर्रार फारवर्ड माने जाते थे। ऐसे अकेले फारवर्ड जो गोल करता ही नहीं था बल्कि बिजली सी फुर्ती से बैकवर्ड की पोजिशन पर पहुंचकर गोल भी बचाता था। उन्होंने 130 इंटरनेशनल मैच खेले और 117 गोल किए। बताते हैं कि अपनी टीम के 50 से ज्यादा गोल उन्होंने बचाए। अपनी टीम को वर्ष 1978 में वर्ल्ड कप जिताया, साथ ही तीन एशियाई खेलों में चैंपियन बनाया। बाद में वह पाक टीम के कोच और मैनेजर भी बने।

Image may contain: 1 person, suit

मेरठ के मोरीपाड़ा में पैदा हुए

माना जाता है पाकिस्तान में उन जैसा हॉकी खिलाड़ी न तो हुआ और न ही होगा। लेकिन असल में वह भारत के उस शहर मेरठ में पैदा हुए थे, जहां की जान हॉकी में बसती थी। इस्लाहुद्दीन का परिवार मेरठ के मोरीपाड़ा के मोहल्ला करीम चौक में रहता था। तब ये सामान्य मुस्लिम परिवारों की बस्ती थी। इस्लाहुद्दीन का जन्म 10  जनवरी 1948 को हुआ। पिता मामूली नौकरी में थे। लेकिन हॉकी से खूब लगाव था। पिता हॉकी के अच्छे खिलाड़ी भी थे। आजादी के बाद पहले तो उनके परिवार का कोई मूड पाकिस्तान जाने का नहीं था, इसीलिए वह आजादी के बाद भी मेरठ में रहते रहे। लेकिन फिर न जाने कौन से हालात पैदा हुए कि परिवार ने पाकिस्तान जाने का फैसला कर लिया।

Image may contain: one or more people, shoes and outdoor

मेरठ आए तो जोरदार स्वागत हुआ

ये वर्ष 1978 की बात है, जब इस्लाहुद्दीन की अगुवाई में पाकिस्तानी टीम भारत में हॉकी सीरीज खेलने आई, तब वह मेरठ गए, पने रिश्तेदारों से मिले। मेरठ के हॉकी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। वह तब हॉकी खिलाड़ी विक्रम त्यागी के घर पर रुके भी। विक्रम त्यागी मेरठ की हॉकी में बड़ा नाम थे। कुछ महीने पहले उनका देहांत हो गया। उनके बेटे अश्विनी, जो खुद हॉकी खिलाड़ी हैं, याद करते हैं कि किस तरह इस्लाहुद्दीन उनके घर रुके और उन लोगों के साथ फोटोएं खिंचवाईं। इस्लाहुद्दीन उसकेे बाद भी कई बार भारत आए और वह जब भी किसी पत्रकार से मिले तो मेरठ को जरूर याद किया।
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned