देश के जानेमाने इस्लामिक स्कॉलर बोले, इस्लाम देता है मानवता की सीख

Highlights:

-हापुड रोड मदरसे में किया कार्यक्रम आयोजित

-लोगों को भाईचारा कायब करने की दी नसीहत

By: Rahul Chauhan

Published: 30 Dec 2020, 02:50 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। देश के जाने माने इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी का मेरठ आगमन पर जोरदार स्वागत मुस्लिम समाज के लोगों ने किया। इस दौरान मदरसा जामिया मदनिय्या हापुड़ रोड पर दारे अरक़म माइनॉरिटी एजुकेशनल सोसाईटी के सौजन्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका संचालन काज़ी मुफ्ती हस्सान क़ासमी और अध्यक्षता इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी ने की। मौलाना ने अपने खिताब में कहा कि आज हमारी कमी है कि हमने अपने हिंदू भाइयों को सही इस्लाम नहीं बताया जिसका अमन के दुश्मनों ने फ़ायदा उठाया। उन्होंने कहा कि इस्लाम एक ऐसा मज़हब जो सब से ज़्यादा मानवता की सीख देता है और भाईचारे की बात करता है।

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मुख्य अतिथि डॉ0 मुफ्ती आशिक़ सिद्दीकी ने कहा कि जिस धर्म में पड़ोसी अगर दुश्मन भी है तो उसके साथ अच्छा बरताव करने को ईमान का हिस्सा बताया गया हो वह धर्म इस्लाम कभी भी नफरत और कट्टरता की शिक्षा दे ही नहीं सकता जो लोग धर्म के नाम पर कट्टरता फैला रहे हैं ऐसे लोगों से बचने की ज़रूरत हैं। दारूल क़ज़ा पर रोशनी डालते हुए मुफ्ती आशिक के कहा कि यह मुस्लिम शरई पंचायती इदारा है। जहां लोग अपनी मामलों की कॉउसलिंग के ज़रिए सुलह सफ़ाई कराते हैं।

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दारुल क़ज़ा से तलाक के मामलों में भी कमी आई है क्योंकि यहां जोड़ने के लिए हर संभव कोशिश की जाती है यह अदालतों के सहयोग करने वाला इदारा है। कार्यक्रम के संरक्षक मौलाना शहरक़ारी शफीकुर्रहमान क़ासमी खतीब शाही ईदगाह व शाही जामा मस्जिद ने सभी से सही इस्लाम पढ़ने और सीखने की अपील की। अंत में कारी अफ्फान क़ासमी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया।

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