BSP सुप्रीमो मायावती की सख्ती के बाद भी नहीं बदले किठौर के हालात, दहशत में दलित

तीन दिन बाद भी किठौर कस्बे में रहने वाले दलितों में दहशत

By: Iftekhar

Published: 09 Dec 2017, 07:56 PM IST

मेरठ. किठौर कस्बे में रहने वाले दलित बवाल के तीन दिन बाद भी दहशत में है। दलितों का कहना है कि किठौर में दंगा और आतंक फैलाने वाले सांसद पुत्रों को बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से ही निकाला है। लेकिन, इसकी क्या गारंटी है कि वे अब उनके ऊपर अत्याचार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि बसपा सांसद बाबू मुनकाद अली के पुत्रों ने तीन दिन पहले पूरे किठौर कस्बे में आतंक मचाया था। इस दौरान उनके साथ मारपीट कर रहे समर्थकों ने एक दलित चिकित्सक की दुकान पर धावा बोलकर उनके साथ भी मारपीट की थी। उन्हें दुकान खाली नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। तब से कस्बे के दलितों में दहशत व्याप्त है और उनमें बसपा सांसद के प्रति आक्रोश है।

दलितों का कहना है कि अगर बसपा सांसद दलितों के इतने ही हितैशी हैं तो वे अपने पुत्रों को सबके सामने लेकर बाजार में आएं और यह आश्वासन दें कि अब दलितों के उपर वे कोई अत्याचार नहीं करेंगे। दलितों को इस बात का दुख है कि जिस दिन से किठौर कस्बे में दलितों के साथ वारदात हुई है। उसके बाद से सांसद का कही पता नहीं है। कस्बे में दुकान के मालिकाना हक को लेकर हुए बवाल में 32 लोग नामजद हुए हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एक महिला का गाली-गलौज का वीडियो वायरल होने के बाद स्थित और तनावपूर्ण हो गई है। दलित चिकित्सक वीर सिंह ने महिला पर जातिसूचक शब्द और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। वीडियो में जो महिला गाली दे रही हैं, उसे सांसद समर्थक बताया जा रहा है। चिकित्सक का आरोप है कि सांसद पुत्र अब अपने समर्थकों से उन पर हमले करवा रहे हैं।

मायावती ने मुनकाद को दी थी धमकी
गौरतलब है कि बवाल के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सांसद पुत्रों सलमान और फरमान को पार्टी से निकाल दिया है और बसपा सांसद बाबू मुनकाद अली से भी साफ कह दिया है कि अगर मुनकाद पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो छोड दें, लेकिन दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फटकार के बाद बदले मुनकाद अली के सुर
सांसद बाबू मुनकाद अली का कहना है कि बहन जी का आदेश कौन टाल सकता है। उन्होंने जो निर्णय लिया है, ठीक ही होगा। मैं दलितों को आश्वासन देता हूं कि उन्हें कोई कुछ नहीं कहेगा। किठौर कस्बा उनका अपना है, वे निर्भीक होकर यहां रहें। उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

पुलिस तैनात होने के बाद भी तनाव
किठौर कस्बे में तनाव के हालात बने हुए हैं, जबकि कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। पुलिस की तैनाती के बाद भी महिला दुस्साहसिक तरीके से दलित चिकित्सक से गाली-गलौज कर रही है। पुलिस भी मूक दर्शक बनी हुई है। वहीं, किठौर सीओ हरिमोहन सिंह का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही वे पुलिस गिरफ्त में होगे। कस्बे में हालात सामान्य हैं।

Show More
Iftekhar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned